
INDIA-NEPAL:- सीमावर्ती रेलवे स्टेशन पर नही खुला एमीग्रेशन कार्यालय, विदेशी नागरिक बन रहे बलि बकरा
मधुबनी-05 अप्रैल। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा खुली होने के कारण विदेशी नागरिक बलि बकरा बन रहे हैं। भारत-नेपाल के बीच वर्षों से बनी संधि के मुताबिक दोनों देशों के बीच लगने वाली सीमा खुली हुई हैं। जिस कारण कई विदेशी नागरिक किसी गाईड या खुद भी अंजान होने के कारण भारतीय सीमा में प्रवेश करने से जेल की हवा खानी पड़ती है। आप को बतादें कि बीते दिनों जयनगर-जनकपुर कुर्था नेपाल रेल खंड पर ट्रेन का परिचालन शूरू हो गया है। लेकिन जयनगर अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन होने के कारण भारत या नेपाल सरकार के द्वारा अब तक सीमावर्ती रेलवे स्टेशन पर एमीग्रेशन कार्यालय नहीं खोला गया है। मधुबनी जिला समेत अन्य सीमावर्ती इलाकों में एमीग्रेशन कार्यालय नहीं होने के कारण आए दिनों कई विदेशी नागरिक भूलवश या किसी के इशारे पर नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश कर जातें है। जिस कारण सीमा पर तैनात एसएसबी,सुरक्षा ऐजेंसी एवं स्थानीय पुलिस को कागजी कार्रवाई में काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। ऐसा भी माना जा सकता है कि मधुबनी जिला समेत नेपाल से लगने वाली मुख्य सीमा पर एमीग्रेशन कार्यालय नहीं होना विदेशी नागरिकों को बलि का बकरा बनना पड़ता है या तस्करी मामले में भी संलिप्तता साबित होने पर जेल जाना पड़ता है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा खुली होने के कारण पिछले कई वर्षों में दर्जनों विदेशी नागरिक भूलवश भारतीय सीमा में प्रवेश कर चुके हैं।सूत्रों की मानें तो कई विदेशी नागरिकों के पास वैध कागजात के आभाव में नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश मानवीय भूल से जेल तक जाना पड़ता है। बावजूद विदेश मंत्रालय व गृह मंत्रालय के द्वारा अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। भारतीय सीमा में प्रवेश करने के दौरान गिरफ्तार विदेशी नागरिकों के पास नेपाल का वीजा और उनके देश का पासपोर्ट रहता है। लेकिन भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा खुली होने के कारण विदेशी नागरिक कुछ समझ नहीं पाते और भारतीय सीमा में प्रवेश कर जातें है।
सूत्रों ने बताया कि पूर्व में भी कई विदेशी नागरिक भूलवश भारतीय सीमा में प्रवेश करने पर उन्हें पुनः नेपाल भेजा गया है। जानकारी के अनुसार पूर्व में देवधा के बलहा सीमा से आधा दर्जन चीनी नागरिक भूलवश भारतीय सीमा पार कर गया था। जिसे पुनः नेपाल भेज दिया गया था। जबकि जयनगर के एक होटल में ठहरने के उद्देश्य से ईरानी नागरिक आए। लेकिन पुलिस के द्वारा जांच से पूर्व फरार हो गए। जबकि जयनगर रेलवे स्टेशन से कई अफ्रीकी नागरिकों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। जयनगर के बेतौंहा बाॅडर से एसएसबी ने तीन नाईजीरिया नागरिक को हिरासत में लिया जो अब तक न्यायिक हिरासत में मधुबनी में हैं। इधर नेपाली ट्रेन के परिचालन से भारत नेपाल दोनों देशों के नागरिकों का आना-जान होगा। लेकिन विदेशी नागरिकों के लिए सीमावर्ती रेलवे स्टेशन पर एमीग्रेशन कार्यालय की स्थापना नहीं किया गया है।



