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भारत-ब्राजील पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार 20 बिलियन डॉलर से आगे ले जाने को प्रतिबद्ध: PM

नई दिल्ली- 21 फ़रवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और ब्राजील आने वाले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन डॉलर से आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार केवल आंकड़ों का विषय नहीं बल्कि पारस्परिक विश्वास और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का प्रतिबिंब है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को हैदराबाद हाउस में ब्राजील के राष्ट्रपति लुई इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत-ब्राजील संबंधों को राष्ट्रपति लूला की दूरदृष्टि और प्रेरक नेतृत्व का लंबे समय से लाभ मिलता रहा है। बीते वर्षों में कई अवसरों पर हुई मुलाकातों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हर भेंट में उन्होंने भारत के प्रति राष्ट्रपति लूला की गहरी मित्रता और विश्वास को महसूस किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति लूला ने ऐतिहासिक एआई इंपैक्ट समिट में भाग लेकर दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने राष्ट्रपति के साथ आए बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह दल दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक विश्वास का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौते के विस्तार से आर्थिक सहयोग और सुदृढ़ होगा। प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को विशेष महत्व देते हुए उन्होंने कहा कि यह साझेदारी न केवल दोनों देशों बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर काम चल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपर कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश मानते हैं कि प्रौद्योगिकी समावेशी होनी चाहिए और निष्पक्ष प्रगति का सेतु बननी चाहिए।

ऊर्जा सहयोग को संबंधों का मजबूत स्तंभ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, एथेनॉल ब्लेंडिंग और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को गति दी जा रही है। ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस में ब्राजील की सक्रिय भागीदारी को उन्होंने हरित भविष्य के प्रति साझा संकल्प का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्राजील ने आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) की सह-अध्यक्षता का प्रस्ताव रखा है, जो स्वागतयोग्य है। इस क्षेत्र में ब्राजील का अनुभव गठबंधन को और सशक्त करेगा। क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ से जुड़े समझौते को उन्होंने सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को भी उन्होंने पारस्परिक भरोसे और रणनीतिक तालमेल का उदाहरण बताया।

कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में सहयोग को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नए आयाम दिए जा रहे हैं। क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर, प्रिसिजन फार्मिंग और बायो फर्टिलाइजर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी दोनों देशों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगी। ब्राजील में ऑयलसीड्स, दालों और इंटीग्रेटेड फार्मिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को उन्होंने महत्वपूर्ण पहल बताया।

स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत से ब्राजील को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। साथ ही ब्राजील में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के विस्तार पर भी काम किया जाएगा, जिससे समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

वैश्विक मंचों पर भारत और ब्राजील की साझेदारी को सशक्त बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देश ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए। आतंकवाद को मानवता का शत्रु बताते हुए उन्होंने इस पर एकजुट कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति लूला की यह यात्रा भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देगी तथा आने वाले वर्षों में सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगी।

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