
सैन्य कार्रवाई नहीं, बातचीत ही ईरान संकट का समाधान: IAEA प्रमुख
रोम/वियना 25 मार्च। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने ईरान से जुड़े मौजूदा संकट पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इसका समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं बल्कि कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही संभव है।
इटली के प्रमुख अखबार कोरिएरे डेला सेरा को दिए एक साक्षात्कार में ग्रोसी ने संकेत दिया कि इस्लामाबाद में इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता हो सकती है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बातचीत केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें मिसाइल कार्यक्रम, ईरान समर्थित मिलिशिया और क्षेत्रीय सुरक्षा गारंटी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं।
ग्रोसी के अनुसार पिछले तीन सप्ताह में जारी संघर्ष ने हालात को पूरी तरह बदल दिया है और ईरान के आर्थिक तथा ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया हमलों के बावजूद ईरान के परमाणु कार्यक्रम की पूरी क्षमता खत्म नहीं हुई है।
आईएईए प्रमुख ने कहा कि अमेरिका “जीरो एनरिचमेंट” की मांग कर सकता है, लेकिन 5 से 10 वर्षों के लिए अस्थायी रूप से यूरेनियम संवर्धन रोकने का समझौता अधिक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। उन्होंने दोहराया कि मौजूदा हालात में सैन्य समाधान संभव नहीं है और सभी पक्षों को संवाद के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।



