
सरकार राहुल के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाएगी, एक सदस्य पहले ही दे चुके हैं नोटिसः रिजिजू
नई दिल्ली- 13 फरवरी। केंद्र सरकार संसद के बजट सत्र के दौरान असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं लाने जा रही है। इस संबंध में एक सदस्य पहले ही नोटिस दे चुके हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि सरकार ने पहले राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव लाने का फैसला किया था, लेकिन अब सरकार प्रस्ताव नहीं लाने जा रही है। इसके पीछे कारण है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पहले ही इस मामले में एक ‘सब्सटैंटिव प्रस्ताव’ पेश कर चुके हैं। इसमें उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से रोकने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया और एक अप्रकाशित किताब का गैर-कानूनी तरीके से उल्लेख किया। उन्होंने अपने बजट भाषण में भी कई आपत्तिजनक बातें कहीं, जैसे ‘देश बेच दिया’ कहना और प्रधानमंत्री के लिए अनुचित शब्दों का प्रयोग करना है। ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर हम उन्हें नोटिस देना चाहते थे।
रिजिजू ने कहा कि ‘सब्सटेंटिव मोशन’ स्वीकृत होने के बाद अध्यक्ष से चर्चा कर यह तय किया जाएगा कि इसे विशेषाधिकार समिति या आचार समिति को भेजा जाए या सीधे सदन में चर्चा के लिए लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से चर्चा कर यह तय किया जाएगा कि इसे विशेषाधिकार समिति या आचार समिति को भेजा जाए या सीधे सदन में चर्चा के लिए लाया जाए।



