
GNIOT संस्थान समूह ने मेधावी छात्रवृत्ति और कोविड मृतक आश्रित छात्रवृत्ति की घोषणा की
पटना- 12 मार्च। मेधावी छात्रों की बौद्धिक प्रतिभा को पहचानते हुए प्रबंधन इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के लिए पहली पसंद के संस्थान,जीएनआईओटी संस्थान समूह,रोटर नोएडा ने 12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति की घोषणा की है। इस छात्रवृत्ति में सरकार के बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान को ध्यान में रखते हुये छात्राओं हेतु अति सामाजिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए सोविड मृतक आश्रित छात्रवृत्ति,सशव सेना पाल्य धात्रवृत्ति देने का प्रावधान है।
जीएनआईओटी संस्थान समूह का मानना है कि आर्थिक विषमता एक होनहार छात्र के लिए रोड़ा नहीं होना चाहिए संस्थान का यह भी मानना है कि बिहार एवं झारखण्ड की बौद्धिक प्रतिभा को उस शिक्षा के लिए समान अवसर दिया जाना चाहिए। जीएनआईओटी का छात्रवृत्ति कार्यक्रम इस दिशा में सबसे व्यापक कार्यक्रमों में से एक है। संस्थान विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों जैसे पीजीडीएम, एमबीए,एमसीए,बीटेक एमटेक,बीबीए,बीसीए,बीकाम बीकाम (आनर्स), बीएससी (कम्प्युटर साइंस) में छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए छात्रों से आवेदन आमंत्रित कर रहा है।
बी.टेक कार्यक्रमों में प्रवेश चाहने वाले छात्रों को 12 वीं कक्षा और जेईई-मेन में उनके प्रदर्शन के आधार पर की पेशकश की जा रही है। पीजीडीएम एवं एमबीए में प्रवेश चाहने वालों के लिए छात्रों को और मैट मैट,जैटमैट आदि में उनके प्रदर्शन के आधार पर छात्रवृत्ति की पेशकश की जा रही है।
जीएनआईनोटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा संचालित पीजीडीएम कोर्स, जीएनआईओटी संस्थान समूह का एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है, जो इस सहबाब्दी के समग्र विकास पर केंद्रित है। इंडस्ट्री 4.0 की तर्ज पर इस कार्यक्रम को पीजीडीएम 4.0 नाम दिया गया है। कार्यक्रम का नाम ही पाठ्यक्रम के बारे में बहुत कुछ बताता है इस कोर्स में 10 से अधिक कौशल विकास प्रशिक्षण एवं प्रमाणन, गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम और चाणक्य टॉक सीरीज़ कुछ मुख्य आधार है। आजक आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रम को इस प्रकार विकसित किया गया है जो युवा प्रबंधकों को व्यवसाय प्रबंधन के अलावा उद्यमिता हेतु प्रेरित कर तैयार करता है, इस दिशा में संस्थान ने अटल इनक्यूबेशन सेंटर, चिमटेक के साथ समझौता किया है। जिसमें भारत सरकार द्वारा नए उद्यमी तैयार किये जाते हैं। इस संस्थान में वैश्विक एक्सपोजर को बढ़ावा देने के लिए एआईबीपीएम,इंडोनेशिया के साथ समझौता किया है जिसके माध्यम से युवा प्रबंधकों को वैश्विक रोजगार हेतु तैयार किया जाता है, एआईबीपीएम,इंडोनेशिया का नुसंत्रा प्रोजेक्ट छात्रों को विभिन्न संस्कृतियों,देशों एवं शहरों के छात्रों के साथ मिलकर काम करने का मौका देती है।
हाल ही में हायर सर्निंग एक्रिडिटेशन कंसल्टेंट एंड ट्रेनिंग (HLACT), संदन ने संस्थान की गुणवत्ता के आधार पर प्रमाणित करते हुए अपनी सदस्यता प्रदान की है, यह संस्थान इस प्रमाणन को प्राप्त करने वाला उत्तर भारत का इकलौता संस्थान है। इस प्रमाणन से संस्थान अब विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए किसी भी दिशी प्रबंधन संस्थान के साथ करार कर सकता है। संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार सिंह काठ का पूरा भरोसा है कि खातों की गुणवत्ता को ले विश्व स्तर पर स्वीकार किया जाएगा।
एचएलएसीटी की मान्यता के बाद जीएनआईओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान को निम्नलिधित फायदे मिलते, निरंतर विकास और सुधार के लिए संस्थान को सक्षम बनाने, स्व-मूल्यांकन आयोजित करने का एक निरंतर
अपने छात्रों को परेलू स्तर पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रमाणन प्राप्त करने का अवसर,शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु मूल्यांकन के आधार पर सुझाव,अपने छात्रों और शिक्षकों को आश्वस्त करने का अवसर है कि संस्थान निरंतर गति से खुद में सुधार और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर शिक्षा प्रदान कर रहा है।
- वैश्विक मंचों पर प्रभावी भागीदारी संस्थान में प्रस्तावित पाठ्यक्रमों के मूल्य को बढ़ा सकती है।
- क्रेडिट ट्रान्सफर की सुविधा
- यूके द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से संबद्धता।
डॉ. अरुण कुमार सिंह, निदेशक जीएनलाईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ने कहा कि, गुणवत्ता पर ध्यान देना शुरू से ही जीएनआईओटी समूह की पहचान रहा है। शिक्षा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सर्वोत्तम प्रयासों को आधार मानकर पाठ्यक्रम आधारित संस्थान ही लंबे समय तक जीवित रहेंगे। डॉ. सिंह ने इंडस्ट्री 4.0 आधारित पीजीडीएम 4.0 पर जोर देते हुए कहा कि संस्थान अपने छात्रों को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण के माध्यम से उपयुक्त कौशल और व्यावहारिक अनुभव देकर तैयार करता है। आजका नियोक्ता यह चाहता है कि युवा प्रबंधकों के पास अनुभव हो और वह अपनी पहली नौकरी पर तुरंत कार्य करने के लिए तैयार हो। संस्थान इसको ध्यान रखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण और लाइव प्रोजेक्ट के अवसर अनिवार्य रूप से प्रदान किये जाते हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि अबतक 450 से अधिक कंपनी द्वारा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है जिसमे 17.75 लाख प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज दिया गया जबकि जबकि औसत पैकेज 5.0 लाख प्रति वर्ष था।
जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के सीईओ श्री स्वदेश सिंह ने कहा कि बिहार एवं झारखण्ड के छात्रों को उच्च अध्ययन के लिए समान अवसर दिया जाना चाहिए और वे जीएनआईओटी में उच्च प्राथमिकता पर हैं। परिसर के संबंध में चर्चा के दौरान श्री सिंह ने कहा कि संस्थान में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं हैं। उन्होंने इस छात्रवृत्ति पहल पर जोर दिया जो बिहार एवं झारखण्ड की बौद्धिक प्रतिभा के लिए बहुत मददगार साबित होने वाली है।
जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन, श्री राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि, “प्रतिभाशाली छात्रों के लिए पैसा एक रोड ब्लॉक नहीं होना चाहिए। हम मेधावी छात्रों, सशस्त्र बलों के बच्चों और कोविड मृतक आश्रितों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और क्षमता के आधार पर विभिन्न छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रत्येक योग्य छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।



