
मछुआरा समाज की ब्लू इकॉनमी में बड़ी भूमिका: PM मोदी
कोच्चि- 11 मार्च। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को अखिल केरल धीवर सभा के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों से यह संगठन मछुआरा समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी मछुआरों और धीवर सभा के सदस्यों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल के लोग लंबे समय से राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने की मांग कर रहे थे। जैसे ही केंद्र की राजग सरकार ने इसे मंजूरी दी है, राज्य के लोगों में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि इस खूबसूरत राज्य को मलयाली संस्कृति के अनुरूप उसका सही नाम मिला है और इसके लिए वे राज्य के लोगों को बधाई देते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल में आई भीषण बाढ़ के दौरान पूरे देश ने मछुआरा समुदाय के साहस और सेवा भावना को देखा। मछुआरों ने फंसे हुए लोगों को बचाने और जरूरतमंदों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कारण पूरा देश मछुआरा समुदाय की बहादुरी और समर्पण को सम्मान के साथ याद करता है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने दशकों तक मछुआरा समुदाय की उपेक्षा की, लेकिन अब राजग सरकार उनकी क्षमताओं को पहचानते हुए उन्हें आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। सरकार ने ब्लू इकॉनमी में मछुआरों की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए अलग मत्स्य मंत्रालय का गठन किया है और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल के लिए करीब 1400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। पहले मछुआरों के समुद्र में जाने पर उनके परिवारों को मौसम और अन्य खतरों को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन अब सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से उनकी सुरक्षा को और मजबूत किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक भी मछुआरा समुदाय की ताकत बन रही है। इसी उद्देश्य से नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जिससे मछुआरे, व्यापारी और निर्यातक एक ही प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कर सकते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का संकल्प है कि केरल के हर परिवार तक खुशहाली पहुंचे। यही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा और देश को विकसित केरल की दिशा में आगे ले जाएगा।



