
पाकिस्तान से आई 25 करोड़ की क्रिस्टल ड्रग्स जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार
बाड़मेर- 07 अप्रैल। सीमावर्ती जिले बाड़मेर में पुलिस और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान से आई करीब पांच किलो क्रिस्टल (मेथामफेटामाइन) ड्रग्स जब्त की गई है। इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपित को पूछताछ के बाद डिटेन किया गया है। जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस इलाके में पहली बार इस तरह की सिंथेटिक ड्रग्स की खेप पकड़ी गई है।
राजस्थान एटीएस-गुजरात एटीएस और बाड़मेर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाते हुए नेशनल हाईवे-68 (राजस्थान-गुजरात) पर नाकाबंदी की। इस दौरान एक ईको कार से पांच किलो मेथामफेटामाइन ड्रग्स बरामद की गई। मौके से दो तस्कर शंकरलाल और सलमान खान (निवासी सज्जन का पार) को गिरफ्तार किया गया। एसपी चुनाराम जाट के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि यह ड्रग्स पाकिस्तान से तस्करी कर लाई गई थी। थारपारकर (पाकिस्तान) निवासी ‘मसाद’ नामक हैंडलर ने आरोपितों को यह खेप उपलब्ध करवाई थी।
आरोपितों के मोबाइल फोन से वॉट्सऐप चैट, इंटरनेशनल कॉलिंग और वीडियो फुटेज जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं, जो अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।
एटीएस एसपी ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आरोपित इस ड्रग्स की खेप गुजरात में सप्लाई करने जा रहे थे। पूछताछ में उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि वे पहले भी ऐसी खेप अलग-अलग स्थानों पर पहुंचा चुके हैं। बैंक खातों की जांच में गुजरात और दिल्ली से पैसों के लेन-देन के सबूत भी मिले हैं।
मंगलवार को पुलिस ने इनपुट के आधार पर खलीफा की बावड़ी निवासी रोशन खान के यहां दबिश दी। हालांकि, गांव में ग्रामीणों ने पुलिस को प्रवेश करने से रोक दिया। बाद में समझाइश के बाद आरोपित स्वयं अपनी स्कॉर्पियो में बैठकर थाने पहुंचा, जहां पुलिस की गाड़ियां आगे-पीछे चलती रहीं। पूछताछ के बाद उसे डिटेन कर लिया गया। पुलिस और एटीएस अब इस मामले में स्थानीय नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहराई से जांच कर रही है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल व अन्य दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित पहले भी ड्रग्स की सप्लाई कर चुके हैं। हालांकि, उनके खिलाफ पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं मिला है, लेकिन तकनीकी साक्ष्य उनके पुराने कनेक्शन की पुष्टि कर रहे हैं।



