बिहार

CM नीतीश ने गंगातट स्थित सीढ़ी घाट का किया स्थलीय निरीक्षण

पटना- 28 जून। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना जिला अंतर्गत बख्तियारपुर के गंगा तट स्थित सीढ़ी घाट का स्थल निरीक्षण कर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बख्तियारपुर एवं अथमलगोला प्रखंड के घोसवरी घाट ठाकुरबाड़ी, सीढ़ी घाट, मुक्तिधाम घाट होते हुए रामनगर घाट तक पुरानी एवं मृतप्राय गंगा नदी की उपधारा (चैनल) को पुनर्जीवित एवं पुनर्स्थापित करने की योजना के तहत चल रहे कार्यों के प्रगति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने 13 जून को इस योजना का शुभारंभ किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीढ़ी घाट से गंगा नदी की मुख्य धारा तक बनने वाले रास्ते के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। सीढ़ी घाट स्थित मंदिर के पास बने प्राचीनतम एवं अद्वितीय मीठे पानी के कुए का भी मुख्यमंत्री ने मुआयना किया।

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सीढ़ी घाट से गंगा नदी की मुख्य धारा तक बनने वाले रास्ते का निर्माण इस प्रकार से करायें कि सीढ़ी घाट डिस्टर्ब न हो और लोग आसानी से आवागमन भी कर सकें। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में गंगा नदी का पानी सीढ़ी घाट के ऊपर आने से लोगों को काफी कठिनाई होती है। जिसको ध्यान में रखते हुए मंदिर के बगल से रास्ते का निर्माण कराने का हमलोगों ने निर्णय लिया है। इस काम यदि किसी प्रकार की दिक्कत हो तो यहां के स्थानीय पुराने लोगों की मदद लें। इस प्रस्तावित रास्ते से सीढ़ी घाट के पूरब में एक पुल का भी निर्माण करायें ताकि लोग चैनल को आसानी से पारकर दियारा की तरफ या जिधर जाना चाहें जा सकें। इसके लिए मुख्यमत्री ने अधिकारियों को यथाशीघ्र प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। सीढ़ी घाट पर पहुंचने वाले लोगों को कहीं आने-जाने में असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग बचपन में देखते थे कि गंगा नदी का पानी सीढ़ी घाट पर रहता था। वहाँ स्थित मंदिर में परंपरा के अनुसार लोग धार्मिक कार्य करते थे। इसे ध्यान में रखते हुये मृतपाय धारा को पुनर्जीवित करने हेतु चैनल का निर्माण कराया गया है ताकि पुरानी परंपरा के अनुसार सीढ़ी घाट पर सालो भर लोगों को गंगा नदी का पानी उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब गंगा का जलस्तर बढ़ता था, तब सीढ़ी घाट के टॉप प्वाइंट तक पानी चला जाता था। बख्तियारपुर में गंगा नदी की धारा घाट से चार से पांच किलोमीटर दूर चली गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए चैनल का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि बख्तियारपुर के गंगा तटों पर गंगा जल सालो भर उपलब्ध रहे इसके लिए दो धार बनाई गयी है। ये दोनों धार मृतप्राय हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि चैनल के दोनों तरफ पड़े मिट्टी के ढेर को चौरस करा दें ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सीढ़ी घाट पर चल रहे कार्यों का मुआयना कर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि चैनल के निर्माण होने से बड़ी संख्या में लोग गंगा तटों पर घूमने आते हैं।

मुख्यमंत्री ने सीढ़ी घाट स्थित मंदिर के पास बने प्राचीनतम एवं अद्वितीय मीठे पानी के कुऍ का निरीक्षण करने के क्रम में कहा कि पहले इसी कुएं का पानी बख्तियारपुर के लोग पीया करते थे। इस कुएँ से शुद्ध और मीठा पानी मिलता था। यहीं से पानी लोग अपने घरों में ले जाकर पीने के साथ-साथ भोजन बनाने के काम भी उपयोग करते थे।

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