
CM नीतीश ने उर्दू अनुवादकों व अन्य उर्दू कर्मियों को दिये नियुक्ति पत्र, गिनाईं उपलब्धियां
पटना- 03 नवंबर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने उर्दू के विकास के लिए कई काम किये हैं। सरकारी स्कूलों में उर्दू शिक्षकों की बहाली शुरू कराई गई। हालांकि, इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी है। वे गुरुवार को पटना में उर्दू अनुवादकों और अन्य उर्दू कर्मियों को नियुक्ति पत्र देने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यकों के लिए किये गये विकास के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2008 में हमने तय किया कि जितने भी स्कूल हैं उसमें उर्दू के लिए भी बहाली होनी चाहिए। माध्यमिक विद्यालय में भी उर्दू शिक्षकों की बहाली होनी चाहिए और ऐसा हमने किया। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया ताकि उर्दू की जानकारी लोगों को हो। हालांकि, हम तो जितना चाहते हैं उतना बहाली नहीं हुई है।

2005 के बाद अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना का अंजुमन इस्लामिया हॉल कितना बड़ा और सुंदर बना है। इसी तरह से पटना सिटी में शिया वक्फ बोर्ड का भी हॉल बन रहा है। सब तरह का काम हो रहा है। इसके अलावा हर जिला में वक्फ की भूमि पर 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल बना रहे हैं लेकिन जमीन मिलने में देरी हो रही है। अभी चार-पांच जगह का ही क्लीयर हुआ है।
अल्पसंख्यक रोजगार लोन योजना के बारे में उन्होंने कहा कि 2012-13 में अल्पसंख्यक रोजगार लोन योजना की शुरूआत हुई थी, जिसमें रोजगार के लिए 5 लाख का ऋण दिया जा रहा था। 2018 में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 10 लाख जिसमें पांच लाख अनुदान और पांच लाख रुपये कर्ज दे रहे। इससे लोगों को रोजगार में काफी मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री विशेष राज्य के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार एक गरीब राज्य हैं। केन्द्र सरकार से जो मदद बिहार को मिलनी चाहिए थी वह नहीं मिली। यदि मदद मिली होती तो बिहार बहुत आगे होता। इसके बाद भी हम लोग अपने स्तर से कोशिश कर रहे हैं। हम लोगों ने तो विशेष राज्य के दर्जा की मांग की थी लेकिन मिला नहीं। उन्होंने सभी पिछड़े राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित राज्य के मुख्य सचिव से कहा कि अब आपको काम देखना है। आप बहाली कराइए। हम सब अधिकारियों को कहते रहते हैं कि बहाली करवाईये। ये लोग शुरू में पूरा बहाली ही नहीं करा पाये और ज्यादा बहाली होनी चाहिए थी।
कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नवनियुक्त उर्दू अनुवादकों को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में लाखों भाइयों के चेहरे पर मुस्कान लाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम लोगों का प्रयास है कि जितने भी विभाग हैं, उनमें जो रिक्त पद हैं उनको जल्द से जल्द भरा जाये। कार्यक्रम में तेजस्वी यादव समेत अन्य मंत्री उपस्थित थे।



