
CAA पर बोले CM नीतीश कुमार, कहा- कोरोना का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है, यह केंद्र सरकार को ही देखना होगा
पटना- 09 मई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को जनता दरबार में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 133 लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। जनता दरबार के बाद सीएम नीतीश कुमार ने सीएए से संबंधित प्रश्न के जवाब में कहा कि अभी कोरोना है, कोरोना का दौर खत्म होगा, उसके बाद इस पर कोई बात होगी। तीन देशों के अल्पसंख्यक जो लोग यहां पर रह रहे हैं, उनके लिए कानून बनाने की बात हो रही है। यह तो केंद्र सरकार को ही देखना है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनसे पुराना संबंध है। वे यहां अपनी पार्टी के प्रभारी भी रहे हैं। यहां आने पर हमारी उनसे मुलाकात हुई। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के संबंध में बातचीत हुई। हमारे शिक्षा मंत्री ने भी उन्हें इसके संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। यह निजी मुलाकात थी। इसका कोई अर्थ निकालने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग किसी जाति को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति में मान्यता देने के लिए अपने यहां से प्रस्ताव भेजते हैं जिस पर केंद्र सरकार के स्तर से निर्णय लिया जाता है। जातीय जनगणना को लेकर यहां के सभी दलों के लोग प्रधानमंत्री से मिले थे। केंद्र सरकार इसे नहीं करेगी लेकिन कहा है कि राज्य सरकार अपने यहां कर सकती है।
पत्रकारों द्वारा बीपीएससी के प्रश्न पत्र लीक मामले पर कहा कि इस पर कार्रवाई हो रही है। जब इसके संबंध में जानकारी मिली तो इस पर तुरंत एक्शन लिया गया। बीपीएससी की पीटी परीक्षा कैंसिल की गयी। प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ,किस तरह से लीक हुआ? इन सब की जांच हो रही है।
साइबर क्राइम के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ी करनेवालों के खिलाफ यहां पर काफी सक्रियता है। कोई गड़बड़ करना चाहेगा तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। सब चीज के लिए पहले से गाइडलाइन है। बिहार में बहुत हद तक चीजें नियंत्रित हैं, शांति का माहौल है। अगर कहीं क्राइम होता है तो तेजी से उसके खिलाफ एक्शन होता है।
बढ़ती महंगाई को देखते हुए जनता को और राहत देने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जितना राहत देना संभव है वह सब किया जायेगा। पिछली बार जब केंद्र सरकार ने वैट की दरों में कमी की तो उस समय ही बिहार में भी वैट की दरों में कमी की गई। आगे भी अगर केंद्र सरकार टैक्स कम करने का फैसला लेती है तो राज्य सरकार भी उसे करेगी। अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं लेकिन कई हफ्तों से कीमतें स्थिर है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा होने के कई कारण हैं। भारत में पेट्रोल-डीजल बाहर से आता है। जब बाहर से महंगा पेट्रोल-डीजल आयेगा तो उसका असर तो यहां भी पड़ेगा। इन सब चीजों पर राज्य सरकार की नजर है। आगे जैसी भी परिस्थिति होगी, उस पर विचार करने के बाद फैसला लिया जायेगा। आने वाले समय में आपदा की स्थिति को लेकर भी राज्य सरकार अभी से सतर्क है। चार महीने हमलोगों का ध्यान उसी पर केंद्रित रहता है। इसको लेकर भी कुछ दिनों के बाद आपदा प्रबंधन की तैयारी को लेकर बैठक की जायेगी।
सीएम ने कहा कि मेंटेनेंस पर राज्य सरकार का विशेष जोर है। किसी चीज को अगर बनायेंगे तो उसका मेंटेनेंस भी करेंगे। हमने हर घर नल का जल पहुंचा दिया है तो उसका मेंटेनेंस भी बहुत जरूरी है।
बिहार में फिल्म पॉलिसी को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म निर्माण के लिए राजगीर में जगह निर्धारित की गयी है। हमने फिल्म बनाने वालों को सलाह दी है कि राजगीर में जाकर देख लीजिए, यहीं पर फिल्म बनाइये। बिहार में कई जगहों पर फिल्मों की शूटिंग हो सकती है। हमलोग शुरू से चाहते थे कि बिहार में फिल्मों की शूटिंग हो।
बिहार को लेकर नीति आयोग की रिपोर्ट के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब नीति आयोग की रिपोर्ट सामने आयी थी तो उसका जवाब हमलोगों ने भेज दिया था। बिहार का काफी तेजी से विकास हो रहा है। हमलोगों के इतना काम करने के बावजूद अगर आप पूरे देश को ओवरऑल देखियेगा तो बिहार पीछे है ही।
विशेष राज्य के दर्जे की मांग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर हमलोगों ने कई बार आंदोलन किया है। हमलोगों ने पटना एवं दिल्ली में भी आंदोलन किया है। नीति आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी हमलोगों ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलनी चाहिए, इस पर ध्यान दीजिए।
इससे पहले सीएम ने जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुई।
वैशाली से आई एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि उनके पति की मौत कोरोना से हो गई थी लेकिन अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है। वहीं, अररिया से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमारे भाई की वर्ष 2021 में कोरोना से मौत हो गई है। मुआवजे की राशि के लिए लगातार दौड़ लगा रहे हैं लेकिन अब तक सहायता राशि नहीं मिल सकी है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पटना से आयी छात्रा ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि मैट्रिक और इंटर पास करने पर राज्य सरकार की ओर से जो स्कॉलरशिप दी जाती है, वो अभी तक नहीं मिल पायी है। वहीं समस्तीपुर से आये एक छात्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उसका एडमिशन राजकीय आईटीआई संस्थान में हुआ था। आईटीआई संस्थान में शिक्षक नहीं रहने के कारण पढ़ाई नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जगदीशपुर, आरा से आए एक फरियादी ने गुहार लगाते हुए कहा कि आपके द्वारा वर्ष 2007 में दो छात्रावास का निर्माण करवाया गया था लेकिन पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबसे छात्रावास बना है उसमें एक भी छात्र नहीं रहते हैं। इसकी सही देख-रेख होने से शाहाबाद प्रक्षेत्र के चार जिलों के छात्र लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उजियारपुर, समस्तीपुर से आये एक सरकारी कर्मचारी ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि उसे विपश्यना केंद्र में 15 दिनों के मेडिटेशन कोर्स के लिए विभाग द्वारा अवकाश नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि इसके लिए तो सरकार ने आदेश जारी कर दिया था। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस मामले में उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।
पूर्वी चंपारण से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि वर्ष 2018 की आंगनबाड़ी चयन को लंबित रखा गया है। वहीं समस्तीपुर से आयी एक महिला ने आंगनबाड़ी में सहायिका की बहाली में अनियमितता की शिकायत की। आंगनबाड़ी बहाली में हो रही गड़बड़ी और लगातार मिल रही शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने संबद्ध विभाग के अधिकारियों से कहा कि बहाली को लेकर विस्तृत समीक्षा करें। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही हैं, इसको व्यापक स्तर पर देखें और जांचकर उचित कदम उठाएँ।
आरा से आए एक छात्र ने गुहार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2019 में स्नातक पास करने के उपरांत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हैं लेकिन एक साल से यूनिवर्सिटी द्वारा डिग्री निर्गत नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं हुलासगंज, जहानाबाद की एक महिला ने अब तक पारिवारिक पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने मामले में जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।



