
BJP नेता शाहनवाज हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हाईकोर्ट के आदेश पर लगी रोक हटी, कोर्ट ने कहा- आप दूसरे कानून विकल्प अपनाएं, हम राहत नही दे सकते
नई दिल्ली- 16 जनवरी। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने रेप के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर लगी रोक हटा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप दूसरे कानूनी विकल्प अपनाएं, हम राहत नहीं दे सकते।
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता को अपने भाई के साथ कुछ मामले सुलझाने के लिए अपने फार्म हाउस पर बुलाया, जहां उसे शराब पिलाई गई। शराब पीने से वह बेहोश हो गई और उसके बाद हुसैन ने इसका फायदा उठाया। रोहतगी ने 12 अक्टूबर, 2022 को सुनवाई के दौरान कहा था कि शाहनवाज हुसैन 40 वर्षों से सार्वजनिक व्यक्ति हैं। रोहतगी ने कहा था कि शाहनवाज हुसैन के भाई के खिलाफ 31 जनवरी, 2018 को शिकायत दर्ज की गई, जबकि यह घटना 12 अप्रैल, 2018 की बताई जा रही है। अगर 12 अप्रैल को उसके साथ रेप किया गया होता, तो उसका उल्लेख 25 अप्रैल की शिकायत में मिलता। शिकायतकर्ता हर महीने, हर हफ्ते थाने गई और शाहनवाज के भाई के साथ विवाद कर रही है।
कोर्ट ने 22 अगस्त को शाहनवाज हुसैन को राहत देते हुए रेप के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश रोक लगा दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने शाहनवाज हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को तीन महीने में जांच कर ट्रायल कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि सभी तथ्यों को देखने से साफ है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने तक पुलिस की अनिच्छा नजर आ रही है। हाईकोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन कोर्ट में पेश की गई पुलिस की रिपोर्ट अंतिम नहीं थी।
दरअसल, दिल्ली की एक महिला ने 22 अप्रैल, 2018 को पुलिस थाने में शिकायत दी कि छतरपुर के एक फार्म हाउस में शाहनवाज हुसैन ने उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला के मुताबिक उसकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसके बाद 26 अप्रैल, 2018 को महिला ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। महिला की शिकायत के मुताबिक पुलिस शाहनवाज हुसैन को बचाना चाहती थी। महिला ने 21 जून, 2018 को साकेत कोर्ट में याचिका दायर कर शाहनवाज हुसैन के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस ने ट्रायल कोर्ट को बताया था कि शाहनवाज हुसैन के खिलाफ मामला नहीं बनता है। ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की इस दलील को खारिज करते हुए कहा था कि महिला की शिकायत में संज्ञेय अपराध का होना पाया गया है। साकेत कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने 7 जुलाई, 2018 को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।



