
BJP के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित, दिया इस्तीफा
पटना- 30 दिसंबर। पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करना भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन को भारी पड़ गया। पार्टी की नीतियों के खिलाफ लगातार बोलने के चलते भाजपा से उन्हें तत्काल प्रभाव से छह वर्षों के लिए निलंबित कर दिया है। इस बीच राजीव रंजन ने भी पार्टी की सदस्यता और पद से इस्तीफा दे दिया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने राजीव रंजन को लिखे निलंबन पत्र में कहा है कि पार्टी के जिम्मेदार पद पर रहते हुए आपके बयान पार्टी की मूल भावनाओं के विपरीत आ रहे हैं। इस विषय में आपको मौखिक रूप से पहले भी बताया जा चुका था, इसके बावजूद पार्टी लाइन से हटकर आपके बयान सामने आ रहे हैं। यह सरासर पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन है। भारतीय जनता पार्टी अनुशासन से चलने वाली और अपने कार्यकर्ताओं के अनुशासन के लिए जानी जाने वाली पार्टी है।
प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा है कि प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए, पार्टी की भावनाओं के विपरीत आ रहे आपके बयान न केवल आपके पद की गरिमा को धूमिल करते हैं, बल्कि इससे पार्टी की छवि भी खराब होती है। इस अनुशासनहीनता के लिए आपको तत्काल पदमुक्त करते हुए अगले छह वर्षों के लिए पार्टी से निलंबित किया जाता है। इस पूरे मजमून के नीचे प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल के हस्ताक्षर हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष ने पार्टी से दिया इस्तीफा—
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने भी पार्टी छोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर पार्टी की सदस्यता और पद से इस्तीफा देने की बात कही है। राजीव रंजन ने इस्तीफे में लिखा है कि बिहार भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों और आदर्शों से पूरी तरह भटक चुकी है। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ-सबका विकास’ की बात केवल कहने तक ही सीमित हो चुकी है। पार्टी में पिछड़ा/अतिपिछड़ा और दलित समाज के विरोधी तत्व हावी हो चुके हैं।
उन्होंने लिखा है कि भाजपा में हालात यह है कि जो नेता पिछड़े समाज के नहीं हैं वह भी इस समाज के नाम पर दशकों से सत्ता सुख भोग रहे हैं। इनके चहेते चंद नेताओं के अतिरिक्त पार्टी में पिछड़ा/अतिपिछड़ा व दलित समाज के नेताओं का उपयोग केवल झंडा ढोने तक ही सीमित कर दिया गया है, जो प्रधानमंत्री की नीतियों की सरासर उपेक्षा है।



