बिहार

BIHAR: सिमरिया में गंगा नदी पर 2023 में बनकर तैयार हो जाएगा डबल लाइन रेल पुल

बेगूसराय- 10 दिसम्बर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से सिद्धि लक्ष्य के तहत ना केवल देश विकास की नई ऊंचाई पर पहुंच रहा है। बल्कि आधारभूत संरचना और अर्थव्यवस्था में मजबूती की उपाय करने के साथ-साथ सामरिक दृष्टिकोण से भी कार्य किए जा रहे हैं।

पूरे देश के साथ बिहार का महत्वपूर्ण अंग बेगूसराय काफी तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आने वाले वर्षों में बेगूसराय ना केवल बिहार को एक नई पहचान और दिशा देगा, बल्कि आर्थिक और सामरिक दृष्टिकोण से भी देश में नई मिसाल कायम करेगा। बेगूसराय में गंगा नदी पर बने राजेन्द्र पुल के एक ओर सिक्स लेन सड़क पुल बन रहा है तो दूसरी ओर डबल लाइन रेल पुल बन रहा है।

अगले साल 2023 में इस दोनों पुल का निर्माण हो जाने की उम्मीद है। इससे ना केवल पूर्वोत्तर भारत का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क सुदृढ़ हो जाएगा, बल्कि भारतीय सेना के जवान को भी पूरी तैयारी के साथ तेज गति से चीन की सीमा पर पहुंचने में आसानी होगी। आजादी के बाद देश में गंगा नदी पर सबसे पहले बने राजेन्द्र सेतु के समानांतर गंगानदी में निर्माण हो रहे दो लेन रेल पुल 2023 में बनकर तैयार हो जाएगा।

अभी राजेन्द्र सेतु के रेल मार्ग में सिंगल रेल ट्रैक रहने के कारण बरौनी से राजेन्द्र पुल स्टेशन तथा औंटा और रामपुर-डुमरा के बीच ट्रेन को खड़ा करना पड़ता है, इससे ट्रेन में सवार यात्रियों एवं रेलवे को बेवजह समय गंवानी पड़ती है। इस पुल का निर्माण हो जाने से ट्रेन को बेवजह रुकने एवं समय की बर्बादी होने से छुटकारा मिल जाएगा। पुल निर्माण में लगे अभियंता के अनुसार डबल रेल ट्रैक वाले उक्त पुल की लंबाई 1.86 किलोमीटर है, इसके निर्माण में करीब एक हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

इरकॉन ने उक्त पुल का निर्माण के लिए दिसम्बर 2018 में एफकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर मुम्बई को जिम्मेदारी दिया। पुल का निर्माण कार्य पूरा होने की सीमा जून 2022 था, लेकिन कोरोना संक्रमण एवं गंगा के जलस्तर में हुई भारी वृद्धि के बाद अब 2023 में निर्माण कार्य पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है तथा हाथिदह की ओर से दो पिलर पर पूरा स्ट्रक्चर बिठाया जा चुका है। पुल निर्माण में जुटे अभियंता ने बताया कि डबल रेल ट्रैक पुल के उत्तरी छोड़ में सिमरिया-बरौनी तो दक्षिणी छोड़ लखीसराय जाने वाले रूट में रामपुर-डुमरा एवं पटना की ओर जाने वाले रूट में औंटा टाल में मिलेगी।

औंटा टाल एवं रामपुर डुमरा मिलाकर नौ किलोमीटर लंबे एप्रोच पथ में 33 लाख घन मीटर मिट्टी भराई का कार्य होना है तथा सभी काम दोनों ओर से युद्धस्तर पर चल रहा है। इसमें तीन जगह आरओआर (रेल लाइन के ऊपर रेल पुल) हाथीदह जंक्शन,औंटा एवं रामपुर के पास निर्माण होना है। जबकि कुल आठ मंझोले स्तर के पुल-पुलिया का भी निर्माण चल रहा है। हाथीदह में एनएच-80 पर एक आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) का निर्माण तथा दो जगह आरओबी (रेल ऊपरी ब्रिज) हाथीदह जंक्शन एवं औंटा के पास बन रहा है।

सुपर स्ट्रक्चर में लगेगा 20 हजार मैट्रिक टन स्टील—

सिमरिया-हाथीदह दो लेन रेल पुल के निर्माण में केवल सुपर स्ट्रक्चर निर्माण में करीब 20 हजार मैट्रिक टन स्टील का उपयोग होगा। वेल फाउंडेशन ढांचा पर आधारित पुल का 18 पाया जमीन से 65-70 मीटर गहराई पर है। इसमें 17 स्पेन हैं, जिसमें 32 मीटर का दो, 123 मीटर का 13 एवं 110 मीटर का एक स्पेन है। वहीं 123 मीटर का स्पेन एक हजार 450 मैट्रिक टन क्षमता है।

देश की सुरक्षा में साबित होगा मिल का पत्थर—

राजेन्द्र सेतु के समानांतर निर्माण हो रहे हाथीदह-सिमरिया दो लेन रेल पुल देश की सुरक्षा को लेकर भी मिल का पत्थर साबित होगा। अधिकारियों ने बताया कि चीन समेत देश के अन्य सीमा पर जरूरत पड़ने पर तोप समेत अन्य लड़ाकू सामग्री सड़क परिवहन से तेज गति में नहीं पहुंच पाता है। डबल ट्रैक रेल पुल निर्माण हो जाने से जरूरत पड़ने पर रेल मार्ग से तेज गति में देश के सीमा पर सुरक्षा का सभी उपकरण पहुंच जाएगा।

राजेन्द्र पुल स्टेशन पर बन रहा है तीन प्लेटफार्म—

राजेन्द्र पुल स्टेशन पर कुल पांच रेल ट्रैक व तीन प्लेटफार्म का निर्माण के साथ-साथ दो फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। छह सौ मीटर लंबे प्लेटफार्म पर एक सौ मीटर लंबा एवं नौ मीटर चौड़ा दो मंजिला स्टेशन भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावे स्टेशन परिसर में ही स्टॉल, फूड प्लाजा, कम्प्लेक्स, दुकानें, एटीएम, शेड, पर्याप्त प्रकाश, यात्रियों को समान चढ़ाने के लिए रैम (स्लोपिंग सीढ़ी) एवं पार्किंग आदि का भी बनेगा।

हाथीदह जंक्शन के ऊपरी ट्रैक पर बनेगा चार प्लेटफार्म

दो लेन रेल पुल के साथ-साथ हाथीदह जंक्शन के ऊपरी रेल ट्रैक पर आधुनिक सुविधाओं से लैस चार सौ मीटर लंबा चार रेल ट्रैक (प्लेटफार्म) का निर्माण भी होगा। इसमे दो रेल ट्रैक मेन लाइन होगा, जबकि दो रेल ट्रैक लूप लाइन की होगी। प्लेटफार्म पर चढ़ने के लिए लिफ्ट की सुविधाएं सहित सभी अत्याधुनिक सुविधाएं भी मौजूद रहेगी। वर्तमान में हाथीदह जंक्शन के तीन नंबर प्लेटफार्म पर एक ही रेल ट्रैक एवं कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं रहने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही तीन नंबर प्लेटफार्म से गुजरने वाली लंबी ट्रेन को हाथीदह जंक्शन मेन लाइन पर आरओआर रहने के कारण दो बार रुकनी पड़ती है।

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