बिहार

BIHAR:- सिपाही की नौकरी लगाने पर लाखों की ठगी, DGP कार्यालय से जारी हुई नियुक्ति पत्र

गोपालगंज- 27 जनवरी। बेरोजगार युवकों को मोटी सैलरी पर पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले फर्जी हवलदार के खिलाफ दर्जनों युवकों ने पुलिस अधीक्षक काे आवेदन देकर फर्जी पुलिस में बहाली का पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है। दिए गए आवेदन में सिधवलिया थाना के करसधाट गांव के खुर्शीद खान पिता अकबर खान,उचकागांव थाना अरना गांव के ताज मोहम्मद,अरना गांव के धीरज पासवान,अरना गांव के अफताब आलम,नगर थाना के चौराव गांव के गुड्डू पासवान ने आरोप लगाया है कि जिसमें आरोप लगाया गया है कि गोपालगंज नगर थाना के श्रीराम नगर वार्ड 26 के शेखर कुमार श्रीवास्तव ने मुजफ्फरपुर जोन के साइबर क्राइम (सीआएसई) में अधिकारी होने के बात बताया।

पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर दो से तीन लाख रुपये लेने के बाद 23 फरवरी 21 को बिहार के डीजीपी के कार्यालय से जारी लेटर 80710 टोकन नंबर 113, बैच नंबर 255 जारी तिथि 2 फरवरी 21 को नियुक्ति पत्र खुर्शीद खान पिता अकबर खान के नाम जारी किया। इसके साथ प्रशिक्षण केन्द्र में जारी पास को लेकर जब गया तो उक्त कागज फर्जी पाया गया। नौकरी पर नाम पर दर्जनों लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो फर्जी हवलदार ने लिए गए पैसे को लौटाने को कहा।

ठगी करने वाले शेखर श्रीवास्तव ने वैसे ठगी के शिकार खुर्शीद खान को बैंक ऑफ बड़ौदा का चेक संख्या 004732 दिनांक 25 दिसंबर 21 को एक लाख रुपये को दिया। उसी प्रकार ताज महमद काे उसी बैंक से 25 हजार रुपये 26 अक्टूबर 21 को दिया। जो उस खाता में राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसी प्रकार अन्य लोगों ने फर्जी करने का कागजात लगाकर पुलिस अधीक्षक को दिया है। आवेदन देने वाले युवकों ने बताया कि पुलिस के नौकरी देने के नाम पर बेरोजगार युवकों को लाखों रुपये की ठगी करने वाला शेखर अपने को पुलिस का बड़ा अधिकारी बताकर भोले भाले युवकों को ठगने का काम करता है।

पुलिस अधीक्षक को दिए गए अावेदन पत्र के साथ शेखर श्रीवास्तव के पुलिस का प्रहचान पत्र,आधार कार्ड, डीजीपी कार्यालय से जारी नियुक्ति पत्र,दर्जनों जारी किया गया गया चेक जो बैंक ने खाते में पैसे नहीं होने का प्रमाण पत्र को संलग्न किया है। समाचार लिखे जाने तो युवकों द्वारा लगाए गए आरोप के संबंध में शेखर श्रीवास्तव से मोबाइल से संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाईल स्वीच बंद आ रहा था।

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