
BIHAR:- शिक्षा विभाग के तुगलकी फरमान के बाद आधी नींद और खाली पेट स्कूल पहुंच रहे बच्चे
मधुबनी- 25 मई। शिक्षा विभाग के नए आदेश के अनुसार बच्चों और शिक्षकों को सुबह छह बजे स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। बच्चों को इन दिनों भीषण गर्मी और सुबह का नींद दोनों परेशानी में डाल दिया है। स्कूल के समय में परिवर्तन होने के साथ छात्रों एवं शिक्षकों को अहले सुबह जागना पड़ता है। यह किसी चुनौती से कम नहीं है। शिक्षा विभाग का इस तरह के नये आदेश से बच्चें और शिक्षक दोनों परेशान हैं। विभाग के तुगलकी आदेश पर अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। विभाग की ऐसी फरमान बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जयनगर प्रखंड के दर्जनों ऐसे स्कूल है, जो गांव से अलग क्षेत्रों में बने हुए हैं। बच्चों को पठन-पाठन के लिए अहले सुबह स्कूल जाना स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है। नये आदेश से पहले गर्मी के दिनों में सुबह 6ः30 बजे से संचालित होने के बाद 11:30 बजे वर्ग समाप्त करने के बाद स्कूल बंद हो जाता था, ताकि बच्चें चिलचिलाती धूप से पहले घर पहुंच सके।

वर्तमान समय में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से सुबह 8 बजे से मौसम सबसे अधिक खराब हो जाता है। भीषण गर्मी होने के कारण स्कूल का संचालन व्यवस्था करीब 12 बजे बच्चों को स्कूल में रहने के बाद छूटटी होने पर बच्चें घर जा रहा है। ऐसे समय में स्कूल की छूटटी होने पर बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह चार बजे उठना बच्चों के स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है। शहर से लेकर गांव तक की जीवन शैली में काफी बदलाव आ गया है। भीषण गर्मी के कारण बच्चों की नींद ही पूरी नहीं हो पा रही है। जब बच्चों की नींद पूरी नहीं होगी, तो स्कूल में तनाव में रहेंगे और उनका स्वाभाव चिड़चिड़ा हो जाएगा। इसके अलावा सुबह पांच बजे बच्चे ठीक से भोजन नहीं कर पा रहे हैं। दिन में पहुआ हवा का प्रवाह व तापमान में वृद्धि होने से लोग गर्मी से परेशान है तो वहीं दोपहर बाद बादले की आवाजाही बने होने के कारण उमस भरी गर्मी सता रही है। जयनगर समेत आस-पास इलाकों का मौसम में लू का प्रकोप बढ़ा है।



