
BIHAR:- शराब बरामदगी होने पर थानाध्यक्ष होंगे सस्पेंड,10 सालों तक नही मिलेगी थानेदारी
पटना-16 नवंबर। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को शराबबंदी पर समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक करीब सात घंटे तक चली। बैठक में मंत्री एवं अधिकारी उपस्थित रहे। शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बातचीत की और कई आवश्यक निर्देश भी दिए। बैठक में यह निर्णय किया गया कि थानाध्यक्ष के क्षेत्र में अगर शराब बरामदगी होती है, तो उन्हें निलंबित किया जायेगा।

बैठक के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद व डीजीपी एसके सिंघल ने बैठक में किए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शराब मिलने पर थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया जाएगा। शराब मिलने की जानकारी चौकीदार ने नहीं दी,तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। होम डिलीवरी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस थाने में बीते तीन-चार वर्षों में शराब को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, उन पर नजर रखी जाएगी। तथा उन पर कार्रवाई की जाएगी।
दोनों अधिकारियों ने बताया कि सरकारी कर्मचारी की मिलीभगत होने पर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। शराब मिलने पर स्थानीय स्तर पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। कॉल सेंटर की सक्रियता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। शराब की सूचना देने वालों की पहचान उजागर नहीं होगी। शराबबंदी कानून को लेकर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य की सीमा से सटे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश एवं झारखंड सीमा पर सख्ती की जाएगी। शहरों में होम डिलीवरी को लेकर सख्ती बरती जाएगी। घरों में शराब की होम डिलीवरी होने पर छापेमारी कर होम डिलीवरी करने वालों की पहचान की जाएगी। सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
डीजीपी एसके सिंघल ने बताया कि यदि इलाके में शराब मिलेगी तब थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष को दस साल तक जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। चौकीदार एवं जमादार को शराब की जानकारी वरीय अधिकारी को देनी होगी। शराब की होम डिलीवरी को लेकर किये गए सवाल पर डीजीपी ने कहा कि होम डिलीवरी को लेकर पुलिस सजग है। इससे पहले भी शराब की होम डिलीवरी करने वालों पर कार्रवाई की गयी है। अब ऐसे लोगों पर खास नजर रखी जाएगी। डीजीपी ने कहा कि पटना जिला में विशेष कर होम डिलीवरी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा, जो भी कानून पूर्व से चल रहे हैं उनका और सख्ती के साथ पालन करवाया जाएगा।
समीक्षा बैठक की महत्वपूर्ण बाते—
खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। खुफिया व्यवस्था और चुस्त दुरुस्त किया जाएगा। सरकार के कॉल सेंटर पर आनेवाले फोन कॉल्स पर त्वरित कार्रवाई होगी। जिलों के प्रभारी मंत्रियों को शराबबंदी की समीक्षा का अधिकार दिया गया है। बिहार में होम डिलीवरी करने वालों के खिलाफ चलाया जाएगा विशेष अभियान। सेंट्रल टीम अगर जिले में जाती है और शराब रिकवर होता है तो थानाध्यक्ष निलंबित होंगे।शराबबन्दी पर थानाध्यक्ष की शिकायत आने पर दस साल तक थानेदारी से वंचित। डायरेक्ट इंवॉलमेंट पर सेवा से बर्खास्त होंगे थानेदार। चौकीदार की जिम्मेवारी होगी कि गांव में हर गलत काम पर देंगे सूचना।
सीमा पर मिली शराब तो सील होगा एरिया—
सीएम नीतीश कुमार बिहार के अलग-अलग सीमा से राज्य में शराब की एंट्री को लेकर काफी सख्त रहे हैं। पिछले दिनों भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि शराब को बार्डर पर ही जब्त करें ताकि राज्य के दूसरे जिलों में शराब की सप्लाई न हो सके। इसलिए आज की समीक्षा बैठक में बार्डर पर शराब मिलने को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है। अब अगर बार्डर पर शराब मिलती है तो उस पूरे इलाके को सील कर आरोपियों की पहचान के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस बैठक को इस लिहाज से बड़ा माना जा रहा था क्योंकि बिहार में पिछले 15 दिनों जहरीली शराब से हो रही मौतों को लेकर सीएम नीतीश कुमार खुद काफी सख्त नजर आ रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को साफ-साफ निर्देश दिया था कि वह शराबबंदी कानून का मखौल उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें। बीते हफ्ते सीएम के निर्देश का बड़ा असर भी देखने को मिला। तथा बिहार में अलग-अलग शहरों से शराब की बड़ी खेप बरामद की गयी। इसी के मद्देनजर आज की बैठक को भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था।



