
BIHAR:- नवादा में रिश्वतखोर दरोगा गिरफ्तार
नवादा- 26 अक्टूबर। पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव मंगला ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कठोर कदम उठाया है। उन्होंने वारिसलीगंज थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (जमादार) मुन्नी लाल पासवान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
जमादार को भ्रष्टाचार और बालू-दारू माफिया को संरक्षण देने, रिश्वतखोरी करने, विभागीय निर्देशों के खिलाफ काम करने के आरोपों में निलंबित करते हुए गिरफ्तारी का आदेश दिया। जिसके बाद जमादार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार का लिया गया।
क्या है पूरा मामला
एसपी द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। जांच में ऑडियो वीडियो साक्ष्य के रूप में प्राप्त हुआ। जिसके बाद उनके खिलाफ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और गिरफ्तारी की गई। इसके पहले पकरीबरावां के एसडीपीओ महेश चौधरी द्वारा आरोपों की जांच की गई। रिपोर्ट पर पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव द्वारा कार्रवाई की गई है।
आरोप है कि थाना क्षेत्र के शराब और बालू माफिया से साठ -गांठ उनकी थी। पुलिस की गतिविधि की सूचना देकर अवैध शराब का धंधा सहयोग करता था। पुलिस कार्रवाई के संबंध में पूर्व में सूचना दे दिया करता था। 40 हजार रुपये मासिक वसूली किया करता था।जबकि आरोपित माफिया एक कांड में फरार चल रहा था। जो वीडियो मिला है उसमें जमादार माफिया से रिश्वत लेते हुए पाए गए।
एक और मामला पब्लिक का भी आया था। जिसमें दो बाइक सवारों को पकड़कर तो किसी कांड में फंसा कर जेल भेजने की धमकी देकर 50 हजार रुपए बतौर रंगदारी की मांग की गई थी। परिजनों द्वारा रिश्वत दिए जाने के बाद उसे छोड़ा गया था। जिसका ऑडियो क्लिप भी एसपी के पास पहुंच गया था।
एसपी ने एसडीपीओ पकरीबरावां से मामले की प्रारंभिक जांच कराई। रिपोर्ट एवं वीडियो क्लिप के आधार शिकायत सत्य पाते हुए कार्रवाई की गई।
जमादार के खिलाफ जो वीडियो मिला उसमें वे वर्दी में फरार अपराधी राकेश सिंह पिता अशोक सिंह ग्राम मंजौर से रुपये लेते दिखाई पड़ रहे थे।
माफिया के खिलाफ पूर्व से कई मामले दर्ज
राकेश सिंह के खिलाफ शराब और बालू से संबंधित 3 मामले वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 414/21, 196/21 और 198/21 पहले से दर्ज था। इसमें वह 414/21 में अब भी फरार चल रहा है।



