
BIHAR:- दो माह पहले मृत लीला देवी ने अस्पताल आकर लिया कोरोना का टीका
बेगूसराय- 22 दिसंबर। बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह,यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कोरोना टीका लेने का मामला अभी थमा भी नहीं था कि,अब बेगूसराय में मुर्दा को भी कोरोना का टीका लेना पड़ रहा है। जिसके कारण यहां के सरकारी अस्पताल में मुर्दे को भी कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। यह अजूबा, अद्भुत, अकल्पनीय एवं अविश्वनीय चमत्कार किया है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर ने।
अस्पताल के बाबुओं ने 19 सितंबर को मरे एक महिला का कोरोना से बचने तथा समाज में कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए टीकाकरण किया गया है। हालांकि मोबाइल पर मैसेज आने पर मामले का खुलासा होते ही स्वास्थ्य विभाग ने जांच का आदेश दे दिया है, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि वीरपुर प्रखंड क्षेत्र के गेंहरपुर पंचायत के वार्ड नंबर-नौ खरमौली निवासी राम उदगार ठाकुर की पत्नी लालो देवी ने कोरोना टीका पहला डोज लिया था। लेकिन कुछ दिनों के बाद ही 19 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों को बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र भी निर्गत किया जा चुका है। लेकिन उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सेकेंड डोज कोरोना टीकाकरण प्रमाण पत्र जारी किया है।
प्रमाण पत्र के अनुसार लालो देवी ने 25 नवंबर को किसान भवन वीरपुर में लगाए गए कैंप में कोरोना का दूसरा टीका लिया है। मृतका के पुत्र संजय कुमार ने बताया की उसकी मां लालो देवी की मौत के दो महीने बाद दूसरे डोज टीकाकरण का प्रमाण पत्र मोबाइल के माध्यम से जारी किया गया है। लोगों का कहना है कि कोरोना जांच और टीकाकरण में भारी लापरवाही की जा रही है। इसी का प्रमाण है कि वीरपुर पीएचसी द्वारा लगाए गए शिविर में गिनती पूरा करने के लिए मरे लोगों को ही टीका लगा दिया गया। क्या मरने के बाद चित्रगुप्त भगवान ने बगैर टीका लिए हुए स्वर्ग या नरक में एंट्री देने से मना कर दिया। लोगों ने मामले की गहन छानबीन तथा दोषी कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल मामला जांच-पड़ताल के नाम पर इस मामले को भले ही स्वास्थ्य विभाग उजागर करें या ना करे, प्रशासन कार्यवाही करे या ना करे, लेकिन व्यवस्था पर बड़ा सवाल जरूर खड़ा हो गया है।



