बिहार

BEGUSRAI:- नगर निगम में हारे हुए मेयर उम्मीदवार ने शुरू कर दिया ”तगादा”

बेगूसराय- 02 जनवरी। नगर निकाय का चुनाव संपन्न हो गया है। बेगूसराय नगर निगम में मेयर के पद पर पूर्व मेयर संजय कुमार की पत्नी पिंकी देवी अप्रत्याशित रूप से 18 हजार से अधिक वोट से जीत कर काबिज हो चुकी है। उप महापौर के पद के लिए हुए कड़े मुकाबले में भाजपा नेत्री अनिता राय ने जीत हासिल किया है।

मतगणना संपन्न होने के बाद एक ओर जीत-हार के कारणों की समीक्षा हो रही है। दूसरी ओर वोट के ठेकेदारों पर आफत आ गई है। प्रत्याशियों ने खर्च किए गए पैसे की वसूली का अभियान शुरू कर दिया है। 28 दिसम्बर को मतदान होने से पहले तक प्रत्याशी वोट दिलवाने के लिए जायज-नाजायज सभी प्रकार का खर्च करने के लिए तैयार थे।

एक-एक वोट के लिए पैसे लुटाए जा रहे थे। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार खर्च का हिसाब चाहे जो दें, लेकिन नगर निगम चुनाव के लिए मेयर बनने के लिए कई प्रत्याशियों ने जहां 50 लाख तक खर्च कर दिए थे। वहीं, कुछ वार्ड पार्षदों ने 10-12 लाख खर्च किए थे। जो जीत गए वह तो ठीक है, लेकिन जिन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा वह प्रत्याशी अब अपने समर्थकों पर पैसा वापसी का दबाव बना रहे हैं।

जिससे प्रत्याशी के लिए वोट एकजुट करने वाले उनके समर्थक हैरान-परेशान हैं। पैसा तो उन्होंने किसी ना किसी मद में खर्च कर दिया था अब लौटाएं कैसे।

बेगूसराय में मेयर पद के लिए 19 प्रत्याशी मैदान में थे। निर्वाचित मेयर को छोड़ दिया जाए तो शेष 18 में दस से अधिक प्रत्याशियों ने 20 लाख से अधिक रुपया खर्च किया था और अब वह सब पैसा वापसी का दबाव बना रहे हैं।

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक प्रत्याशी के समर्थक ने बताया कि मतदान से पहले तक प्रत्याशी ने रात की नींद और दिन का चैन हराम कर दिया था। दिन भर में 20 बार फोन करते थे, कैसे भी हो वोट दिलवाएं, वोट के लिए जो खर्च करना पड़े खर्च कीजिए। एक-एक वोट के लिए ना सिर्फ हजार रुपये खर्च किए गए थे, बल्कि उपहार से लेकर खाने-पीने तक की व्यवस्था की गई थी।

अब जब चुनाव हार गए हैं तो पैसा वापस करवाने का दबाव बना रहे हैं। आखिर वह कहां से पैसा लाकर देंगे, पैसा तो खर्च कर दिया था। उसे क्या पता था कि इतनी कोशिश के बावजूद उनके प्रत्याशी हार जाएंगे। फिलहाल नगर निगम में चुनाव के हार-जीत के गणित के साथ प्रत्याशियों और वोटर के बीच बिचौलिया की भूमिका में रहने वाले वोट के कुछ सौदागर जहां भूमिगत हो गए हैं।

वहीं कुछ प्रत्याशियों के दबाव में बेचैनी झेल रहे हैं, उनकी हालत माया मिली ना राम वाली हो गई है। मीडिया मैनेजमेंट करने वालों पर भी आफत आ गई है। एक-दो प्रत्याशी ने तो अपने मीडिया मैनेजमेंट करने वाले को अल्टीमेटम भी दे दिया है कि मैं हार गया हूं। मेरा काम नहीं हुआ और मैं आदमी भी ठीक नहीं हूं, इसलिए पैसा वापस कराओ अन्यथा कुछ भी झेलने के लिए तैयार रहो। 

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button