सर्राफा बाजार : सोने की तेजी पर लगा ब्रेक, चांदी भी 1,294 रुपये लुढ़की

नई दिल्ली- 17 नवंबर। अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव की वजह से घरेलू सर्राफा बाजार आज गिरावट का शिकार हो गया। देश में शादी के सीजन के लिए हो रही खरीदारी के सपोर्ट की वजह से नवंबर के महीने में भारतीय सर्राफा बाजार में लगातार तेजी का रुख बना हुआ था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव ने सीजनल सपोर्ट के बावजूद भारतीय सर्राफा बाजार को दबाव में ला दिया।

सोना की तरह ही आज चांदी में भी गिरावट का रुख नजर आया। आज की गिरावट के कारण आज सोने की कीमत में अलग-अलग श्रेणियों में 201 रुपये प्रति 10 से लेकर 118 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कमजोरी दर्ज की गई। सोना की तरह ही चांदी की कीमत में भी आज 1,294 रुपये की कमजोरी दर्ज की गई।

इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक घरेलू सर्राफा बाजार में आज कारोबारी यानी 24 कैरेट (999) सोने की औसत कीमत 201 रुपये की कमजोरी के साथ लुढ़क कर 52,893 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) हो गई। इसी तरह 23 कैरेट (995) सोने की कीमत भी 200 रुपये की गिरावट के साथ 52,681 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) हो गई, जबकि जेवराती यानी 22 कैरेट (916) सोने की कीमत में आज 184 रुपये प्रति 10 ग्राम की नरमी दर्ज की गई।

इसके साथ ही 22 कैरेट सोना 48,450 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा 18 कैरेट (750) सोने की कीमत आज प्रति 10 ग्राम 151 रुपये गिर कर 39,670 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) के स्तर पर पहुंच गई, जबकि 14 कैरेट (585) सोना आज 118 रुपये कमजोर होकर 30,942 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) के स्तर पर पहुंच गया।

सर्राफा बाजार में सोने की तरह ही चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। आज के कारोबार में चांदी (999) की कीमत 1,294 रुपये प्रति किलोग्राम टूट गई। इस गिरावट के कारण इस चमकीली धातु की कीमत आज लुढ़क कर 61,300 रुपये प्रति किलोग्राम (अस्थाई) के स्तर पर पहुंच गई।

शादी के सीजन के कारण भारतीय सर्राफा बाजार को नवंबर के महीने में काफी सहारा मिला है। आज की गिरावट के बावजूद इस महीने सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम करीब 2,500 रुपये की तेजी आ चुकी है। इसी तरह चांदी की कीमत में भी प्रति किलोग्राम करीब 3 हजार का उछाल आ चुका है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि घरेलू सर्राफा बाजार में अभी भी निवेश के अनुकूल माहौल नहीं बना है, इसलिए छोटे निवेशकों को अपनी निवेश योजना काफी सोच समझकर बनानी चाहिए।

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Author: lakshyatak

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