
मधुबनी नगर निगम कार्यालय पर आउटसोर्सिंग कर्मियों का फूटा गुस्सा, विरोध प्रदर्शन
मधुबनी- 02 अप्रैल। बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 6 सुत्री मांगों के समर्थन में नगर निगम आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी संघ के कर्मियों ने नगर निगम कार्यालय स्थित प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में संघ के मंत्री रोशन राम, संगठन मंत्री दुर्गा राम,पूनम देवी, सीता देवी, रेणु देवी, रानी देवी, पवन देवी, रीता देवी, जीतू राम, मो. इरफान, शंकर राम, मुस्तकीम, दुर्गा देवी, फूलो देवी, सविता देवी, राधा देवी, मंजू देवी, अखिलेश कुमार सहित अन्य सफाई कर्मियों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस एटक के जिला अध्यक्ष रामचंद्र शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानून को निरस्त कर उसे चार लेबर कोड में समाहित कर दिया गया। जिससे श्रमिकों को भारी कठिनाई हो रही है। महासचिव सत्य नारायण राय ने कहा कि श्रमिकों से आठ घंटा से अधिक काम कराया जाता है। संघ के महामंत्री बबलू राम ने कहा कि नगर निकायों में कार्यरत अस्थाई, संविदा, दैनिक एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों की समस्याएं दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। इन समस्याओं के समाधान हेतू संयुक्त मोर्चा द्वारा लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित करता रहा है। लेकिन अब तक सरकार द्वारा कोई ठोस प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे 13 अप्रैल तक मांगे पूरी नहीं की जाती है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न नगर निकायों में पिछले 17 वर्षों से लगभग 35000 सफाई कर्मी आवश्यक कार्यों में संलग्न है। इसमें से 80 प्रतिशत कर्मी दलित, महादलित समुदाय से आते हैं। इनके पास ना तो समुचित आवास है और ना ही जीवन यापन का कोई वैकल्पिक साधन। इन कर्मियों की सेवा नियमित करने की मांग किया जाता रहा है लेकिन 10 लाख नियुक्तियों के वादे के बावजूद सफाई कर्मियों को नियमित नहीं किया गया है। नगर निकायों में ठेकेदारी एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से भारी लूट और भ्रष्टाचार व्याप्त है। जिन कर्मियों का निधन हो चुका है उनके आश्रितों को वर्ष 2018 से अब तक अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मियों की भांति पेंशन सहित अन्य सुविधाओं का लाभ आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों को नहीं मिल रहा है।



