बिहार

होली पर रंग गुलाल लगाने की प्राचीन परंपरा, मानव जीवन पर रंगों का गहरा प्रभाव : पं. ऋषिनाथ झा

मधुबनी- 23 फरवरी। होली पर्व हिंदू धर्म में होने वाले विशेष पर्वों में से एक है। हरेक साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होली का पर्व मनाई जाती है। असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक होली के दिन लोग एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर खुशी का इजहार करते है। होली भाईचारे का प्रतीक भी माना गया है। इस दिन लोग पुरानी रंजिश, भेदभाव, मनभेद को भुलाकर गले लगाने का अवसर प्रदान करता हैं। प्राचीन समय में परंपरागत प्राकृतिक रंगों से होली मनाई जाती थी। प्राचीन काल से ही मानव जीवन पर रंगों का गहरा प्रभाव रहा है। यह प्रभाव सांस्कृतिक और व्यक्तिगत दृष्टिकोण के आधार पर बदलता भी है। रंग न केवल हमारी भावनाओं को प्रभावित करते हैं। बल्कि यह शारीरिक प्रतिक्रिया भी उत्पन्नकरता हैं। रंगों के प्रभाव को समझना और उनका सही तरीके से उपयोग करना जरूरी होता है। मानव जीवन पर तरह-तरह के रंगों का प्रभाव की गहन जानकारी देते हुए पं. ऋषिनाथ झा ने बताया कि लाल रंग पसंद करने वाले लोग ऊर्जा, जुनून, और उत्साही माना जाता है। लाल रंग शारीरिक गतिविधियों को उत्तेजित करता है। यह रक्तचाप और दिल की धड़कन को बढ़ा सकता है। नीला रंग पंसद करने वाले लोग शांत, स्थिरता और विश्वास को बढ़ावा देता है। यह मानसिक शांति और संतुलन के लिए आदर्श रंग माना जाता है। नीला रंग ठंडा प्रभाव उत्पन्न करता है। यह रक्तचाप को कम, शरीर को शांत, तनाव और चिंता को कम करने के लिए उपयोगी माना गया है। श्री झा ने कहा कि पीला रंग पसंद करने वाले लोग खुशी, आशा, और उत्साह से भरे होते है। यह रंग मनोबल को बढ़ाता है। रचनात्मकता को प्रेरित करता है। हरा रंग पसंद करने वाले लोग हरियाली, शांति, आराम, और ताजगी को तरजीह देते है। हरा रंग मानसिक शांति, विकास, और संतुलन को प्रेरित करता है। यह तनाव को कम और शांति महसूस करने में मदद करता है। सफेद रंग पसंद करने वाले लोग शुद्धता, सरलता और शांति को तरजीह देते है। यह रंग नयापन और ताजगी की भावना उत्पन्न करता है।काला रंग पसंद करने वाले लोग शक्ति, अधिकार, और रहस्य को तरजीह देते है। बैंगनी रंग आधिकारिकता, ऐश्वर्य और विलासिता का प्रतीक है। यह रंग रचनात्मकता और आध्यात्मिकता से जुड़ा होता है।श्री झा ने बताया कि भूरा रंग स्थिरता, सुरक्षा, और आराम का प्रतीक है। यह रंग प्रैक्टिकलिटी और सादगी से जुड़ा होता है। यह रंग मानसिक सुरक्षा और शांति प्रदान करता है। ग्रे रंग निराशा, तटस्थता और संतुलन का प्रतीक है। यह रंग कभी-कभी उदासी और बोरियत का कारण बन सकता है।

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