
AIMIM के प्रदेश सचिव नजरे आलम का दरभंगा में भव्य स्वागत, नजरे आलम ने कहा- मिथिलांचल में पार्टी बनाएगी पांच लाख सदस्य
दरभंगा- 16 जनवरी। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन मिथिलांचल की ओर से नजरे आलम को पार्टी का बिहार प्रदेश सचिव बनाए जाने पर कार्यकर्त्ताओं के द्वारा दरभंगा शहर के इकरा एकेडमी के कॉन्फ्रेंस हॉल में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। स्वागत समारोह के बाद कार्यकर्त्ताओं के साथ नजरे आलम की अध्यक्षता में बैठक की गई। कार्यक्रम के संयोजक व संचालक अजमतुल्लाह अबु सईद एवं अन्य कार्यर्त्ताओं ने अपने नेता का भव्य स्वागत फूल मालाओं से किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी के सक्रिय कार्यकर्त्ता उपस्थ्ति हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नजरे आलम ने सबसे पहले अपने नेता बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी,अकबरूद्दीन ओवैसी,माजिद हुसैन,अखतरूल ईमान, इंजीनियर आफताब आलम आदि का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि पार्टी ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, हमारी कोशिश होगी कि सभी को साथ लेकर पार्टी को न सिर्फ मिथिलांचल बल्कि पूरे बिहार में मजबूत बनाया जाए। नजरे आलम ने आगे कहा कि हमारी पहली प्राथमिक्ता है कि पूरे मिथिलांचल में पांच लाख सदस्य बनाया जाए, ताकि पार्टी 2024 और 2025 में मजबूती के साथ चुनाव लड़ सके। श्री आलम ने अपने कार्यकत्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए बिना किसी भेदभाव के सभी समुदाय के लोगों को पार्टी से जोड़ने की अपील की और कहा कि अब समय आ गया है घर घर ओवैसी साहब को पहुंचाया जाए और फासिवादी ताकतों को सत्ता से हटाया जाए।
नजरे आलम ने बिहार सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य सरकार हमारी मादरी जुबान को खत्म करने की मुहिम पर काम कर रही है। सरकारी विद्यालयों में उर्दू के शिक्षकों की बहाली नहीं की जा रही है, स्कूलों में उर्दू के शिक्षकों के नहीं होने के कारण हमारे बच्चे अपनी मादरी जुबान में शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उर्दू विद्यालयों के शिक्षकों की जुमा की छुट्टी भी रद् कर दी गई है ऐसी सूचना मिल रही है। हम सरकार से इस मामले पर मांग करते हैं कि अविलंब उर्दू शिक्षकों की बहाली सुनिश्चित करे, पूर्व की तरह जुमा की छुट्टी को बहाल करे, उर्दू विद्यालयों और उर्दू के छात्रों को उर्दू की पुस्तक उपलब्ध कराए और उर्दू के शिक्षकों से उर्दू की जगह दूसरा काम नहीं लिया जाए। अगर सरकार इसे गंभीरतापूर्वक नहीं लेती है तो हमारी पार्टी पूरे बिहार में तहरीक चलाने को मजबूर होगी। क्योंकि हम सब कुछ बर्दाश्त करते सकते हैं अपनी मादरी जुबान को खत्म करने की साजिश को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते। अगर हमने अपनी मादरी जुबान उर्दू को खत्म करते हुए सरकार का तमाशा देखते रहे, तो हमारा भविष्य तो खराब होगा ही हमारे बच्चे आने वाले दिनों में गुंगे बनकर जीने को मजबूर हो जायेंगे। केंद्र सरकार की नई शिक्षा पॉलिसी में भी इस बात का जिक्र है कि सभी विद्यालयों में शुरूआती तालीम छात्रों को उनकी मादरी जुबान में दी जाए। इसलिए राज्य सरकार जितनी जल्द हो उर्दू को पूरे बिहार में जो दूसरी सरकारी जुबान का दर्जा प्राप्त है उसके अधिकार से खिलवाड़ बंद कर दे। कार्यक्रम के संयोजक अजमतुल्लाह अबु सईद ने अपने कार्यकत्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी इतनी बड़ी संख्या में यहां उपस्थित हुए हैं, आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया। आप सभी की उपस्थिती इस बात का सबूत है कि पार्टी बहुत मजबूती से आगे बढ़ेगी और दबे,कुचले,मजलूमों को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई में कामयाब होगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी को घर घर तक पहुंचाने के लिए जल्द ही पूरे मिथिलांचल में सदस्यता अभियान प्रदेश सचिव नजरे आलम की अध्यक्ष्ता में शुरू किया जायगा। उन्होंने आगे कहा कि अभी जातिगत जनगणरा बिहार में चल रहा है इसपर समाज को जागरूक करने की जरूरत है और सभी से उर्दू में ही दस्तखत करने के लिए कहा जाए ताकि हमारी मादरी जुबान मजबूत हो सके। साजेदीन अख्तर, शफकत रिजवान,मो0 इरशाद आदि ने भी सभी कार्यकर्त्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आपसी भेदभाव को भूल कर हम सभी को बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखतरूल ईमान और राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के हाथों को मजबूत करना है। पार्टी आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। इसलिए अभी से सभी को मेहनत करने की जरूरत है। इस अवसर पर दर्जनों लोगों को पार्टी की सदस्यता भी दिलायी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में अशरफ अहमद, मो0 आयतुल्लाह, हीरा निजामी, अशरफ सुबहानी,कारी सईद जफर, मो0 तालिब, मोतिउर रहमान मोती, कुद्दुस सागर, अधिवक्ता सफिउर रहमान राईन, जमीर खान, इमरान गजनवी, मो0 इरफान, अरशुद्दीन दुलारे, अबु बशर रब्बानी, मो0 जियारत, मो0 अफरोज, मो0 शाहिद रिजवी के नाम शामिल हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे जिसमें इंतखाब, इफतेखार, मो0 समी अंसारी, मो0 इमरान, अबरार अंसारी, वसीम कुरैशी, अब्दुल कुद्दुस, जीषान युसुफ, मन्नान आलम, मो0 शौकत, शफीक, मो0 आकिब नजीर, मो0 असगर, अल्ताफ हुसैन, शादाब रजा, गुड्डू कुरैशी, मो0 तबरेज, जलालुद्दीन, मुर्तुजा, राजु झा, जावेद इकबाल नदवी, रंजन पासवान, हसनैन, मो0 तौकीर, सोनू मंडल, विजय यादव आदि शामिल हैं।



