
दिसंबर के अंत खाली हो जाएंगे राज्य के शीतगृह,आलू को लेकर आशांकित व्यवसायी
हुगली- 27 दिसंबर। राज्य के शीतगृह से आलू निकालने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर निश्चित है। इसके बाद आलू की आपूर्ति और मांग को लेकर आलू व्यवसायी चिंतित हैं।
जानकारी के मुताबिक राज्य के शीतगृहों में अभी भी लगभग साढ़े छह लाख मैट्रिक टन आलू मौजूद है। 31 दिसंबर तक शीतगृहों से पूरा आलू निकाल लिया जाएगा। इतने आलू से जनवरी महीने तक की मांग तो पूरी हो जाएगी लेकिन उसके बाद की स्थिति को लेकर व्यवसायियों आशंकित हैं। राज्य शीतगृह मालिक एसोसिएशन के सदस्य सुनील मिश्र ने बताया कि अभी शीतगृह में 10 से 12 प्रतिशत आलू मौजूद है। हम लोग दुविधा में थे कि आलू किसान अपना आलू शीतगृह से निकालेंगे या नहीं लेकिन बाजार में आलू की मांग देखते हुए ऐसा लगता है कि 31 दिसंबर तक पूरा आलू निकाल लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष मार्च महीने के शुरुआत में ही आलू शीतगृह में पहुंचने लगता है लेकिन इस वर्ष मार्च महीने के पूर्वार्ध बीत जाने के बाद शीतगृह में आलू के आने का अनुमान है।
एक अन्य शीतगृह के मालिक पतितपावन दे ने बताया कि शीतगृह से आलू निकालने के बाद तकरीबन 20 दिन तक ठीक रहता है।किसानों का कहना है कि चक्रवाती तूफान जवाद के कारण आलू का बीज नष्ट हो गया था। बाद में दोबारा आलू खेतों में बोना पड़ा। इसलिए आलू की फसल तैयार होते होते मार्च का पूर्वार्ध बीत जाएगा।नुकसान होने के बाद भी किसान आलू की अगली फसल से लाभ की आश लगाए बैठे हैं। राज्य प्रगतिशील आलू व्यवसायी समिति के चेयरमैन लालू मुखोपाध्याय ने कहा कि आलू की बाजार में कोई कमी नहीं होगी लेकिन अगले वर्ष में आलू के डिमांड और सप्लाई को लेकर व्यवसायियों को चिंता बनी हुई है।



