
TMC नेता ने बेलडांगा ‘बाबरी मस्जिद’ निर्माण के लिए दिए 1.11 लाख रुपये, सियासी घमासान तेज
कोलकाता- 21 फरवरी। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद जिले में एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता द्वारा निलंबित पार्टी नेता हुमायूं कबीर की पहल पर बेलडांगा में प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
नोवादा ब्लॉक के तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और मुर्शिदाबाद जिला परिषद के शिक्षा कर्माध्यक्ष सफिउज्जामान शेख ने रमजान के पहले दिन प्रस्तावित मस्जिद निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। यह राशि “वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया” के अंतर्गत मस्जिद ट्रस्ट के नाम जारी की गई।
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है, खासकर ऐसे समय में जब हुमायूं कबीर हाल के दिनों में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। बताया गया है कि उन्होंने माकपा नेताओं से मुलाकात की थी और आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी के साथ भी बातचीत की थी। इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के प्रति व्यक्तिगत समर्थन भी जताया था।
करीब एक सप्ताह पहले तृणमूल विधायक और मुर्शिदाबाद जिला अध्यक्ष नियामत शेख ने भी प्रस्तावित मस्जिद के समर्थन में बयान दिया था। अब सफिउज्जामान शेख द्वारा प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दिए जाने को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक हालिया ब्लॉक स्तरीय बैठक में उन्होंने कहा था, “हम मस्जिद बनाएंगे। मुर्शिदाबाद जिले के लोग इसे बनाएंगे।”
हुमायूं कबीर को पार्टी विरोधी बयानों के बाद तृणमूल कांग्रेस ने निलंबित कर दिया था। उस समय वरिष्ठ तृणमूल नेता फिरहाद हकीम ने कहा था कि ‘बाबरी मस्जिद’ निर्माण जैसे मुद्दे को उठाने से विवाद दोबारा उभर सकता है और समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ सकता है, जिसका पार्टी समर्थन नहीं करती।
इस बीच, एक स्थानीय भाजपा नेता ने दावा किया कि प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ का विचार तृणमूल कांग्रेस की ही सोच का परिणाम है और इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
राज्य में चुनावी माहौल के बीच धर्म और राजनीति के मुद्दे पर यह नया विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।



