
राज्यसभा में उठी पत्रकारों की रेल रियायत की बहाली की मांग
नई दिल्ली- 13 फ़रवरी। संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में शुक्रवार को शून्यकाल में विभिन्न दलों के सदस्यों ने चुनाव सुधार,पत्रकारों को रेल रियायत, अग्निवीर योजना, युवाओं के लिए न्यूनतम आय गारंटी और नागरिक शिष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य ईरण्ण कडाडी ने चुनाव सुधारों का मुद्दा उठाते हुए जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों को मतदान का अधिकार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की जेलों में करीब 4.9 लाख से अधिक कैदी बंद हैं, जिनमें लगभग 77 प्रतिशत यानी 3.8 लाख से अधिक अंडर ट्रायल हैं। कानून की नजर में उनका दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रावधानों के तहत जेल में बंद व्यक्ति को मतदान का अधिकार नहीं है, जबकि बेल या पैरोल पर बाहर आए व्यक्ति को मतदान की अनुमति है। इसके अलावा नजरबंदी में रखे गए व्यक्तियों को पोस्टल बैलेट की सुविधा प्राप्त है तथा जेल से चुनाव लड़ने की भी अनुमति है। कडाडी ने कहा कि कई बार गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति अंडर ट्रायल के दौरान जमानत राशि नहीं भर पाने के कारण जेल में रहते हैं जबकि उसी अपराध का आरोपित संपन्न व्यक्ति बाहर रहकर वोट दे पाते हैं। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 326 की भावना के विपरीत बताते हुए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 62(5) में संशोधन की मांग की।
उन्होंने सुझाव दिया कि 7 वर्ष से कम सजा वाले अपराधों में आरोपित विचाराधीन कैदियों को मतदान का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले दिनों कई अप्रासंगिक कानूनों को खत्म किया इसलिए इस विसंगति को भी दूर किया जाना चाहिए। इससे लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य नीरज डांगी ने पत्रकारों को रेल यात्रा में मिलने वाली 50 प्रतिशत रियायत को बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय रेल द्वारा पत्रकारों को दी जाने वाली रियायतें स्थगित कर दी गई थीं, जो उस समय की परिस्थितियों में अस्थायी निर्णय था। लेकिन सामान्य स्थिति बहाल होने के बावजूद यह सुविधा पुनः लागू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पत्रकार दूरदराज और संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं, ऐसे में यह रियायत विशेषाधिकार नहीं बल्कि उनके कार्य निष्पादन में सहायक सुविधा है।
आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की अग्निवीर योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद युवाओं को नियुक्ति पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने सेवादारी प्रथा समाप्त करने की भी मांग की।
आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने देश में बढ़ती गंदगी और सार्वजनिक स्थलों पर अनुशासनहीनता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समस्या केवल सरकार की नहीं बल्कि नागरिकों की मानसिकता से भी जुड़ी है। उन्होंने स्कूलों में सिविक सेंस की शिक्षा अनिवार्य करने और सार्वजनिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना तथा सख्त कार्रवाई की मांग की।



