कैंसर के परीक्षण एवं इलाज की नवीनतम पद्धतियों से रूबरू हुए चिकित्सक

मुरादाबाद- 21 जनवरी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मुरादाबाद ने रविवार रात्रि में मासिक सभा का आयोजन होटल क्लार्क इन में मासिक सभा का आयोजन किया। जिसमें राजीव गाँधी कैंसर इंस्टिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर दिल्ली के के विशेषज्ञों ने कैंसर जैसी घातक बीमारी के उपचार को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया। आईएमए मुरादाबाद के अध्यक्ष डा. रवि गंगल ने आगंतुकों का स्वागत किया। सभा में राजीव गाँधी कैंसर इंस्टिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के मेडिकल आनको लाजी विभाग के हेड डा. रजत साहा ने कैंसर के परीक्षण एवं इलाज की नवीनतम पद्धतियों के बारे में बताया। इंस्टिट्यूट के वरिष्ठ डा. शुभम जैन ने कैंसर के आपरेशन की नवीनतम पद्धतियों के बारे में बताया।

‘वर्ष 2024 में कैंसर का निदान और उपचार कैसे हो’ विषय पर डा. रजत साहा ने कहा छोटे शहरों में भी बायोप्सी सुविधाओं के विस्तार, विशेषज्ञ पैथोलाजिकल तकनीकों की उपलब्धता और सीटी स्कैन, एमआरआई और पेट स्कैन आदि रेडियोलजी तकनीकों तक पहुंच जैसी प्रगति निश्चित रूप से कैंसर के शुरूआती चरण में ही मरीजों के उपचार में मददगार साबित होगी। उन्होंने कैंसर के शुरूआती लक्षणों की पहचान में प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों के फिजिशियनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए मरीजों तक आरजीसीआईआरसी के सहायता कार्यक्रमों के प्रभाव पर भी विचार-विमर्श किया।

डा. शुभम जैन ने रेखांकित किया कि मरीजों का जोर केवल उनकी जीवनआयु बढ़ाने के स्थान पर शरीर के अंगों को पुर्नर्निर्माण एवं पुनर्वास तकनीकों के माध्यम से उनकी जीवन गुणवत्ता को बेहतर करने पर अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि मिनिमली इनवेसिव सर्जरी और प्रिसिजन टेक्निक्स जटिलताओं को कम से कम करके मरीजों को जल्द से जल्द ठीक कर आम दैनिक गतिविधियों को जारी करने योग्य बनाती हैं। इमेजिंग, मॉलिक्यूलर प्रोफाइलिंग और जेनेटिक टेस्टिंग में हुई उन्नति के कारण व्यक्तिगत सर्जिकल इलाज और मरीज की बेहतर संतुष्टि सुनिश्चित हुई हैं।

कार्यक्रम का संचालन आईएमए मुरादाबाद की सचिव डा. श्रुति खन्ना ने किया और सभी आभार प्रकट किया।

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Author: lakshyatak

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