
पुलिसकर्मी बनकर हवाला कारोबारी के एजेंट से 20 लाख लूटने वाले 4 बदमाश गिरफ्तार
जयपुर- 06 मई। कोतवाली थाना पुलिस ने तीन दिन पहले दिनदहाड़े पुलिसकर्मी बनकर हवाला कारोबारी के एजेंट से बीस लाख लूट मामले में अंतरराज्यीय गैंग के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है और वहीं इनके कब्जे से लूटी गई राशि में से ग्यारह लाख रुपये व वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की है। जो वारदात करने के बाद भोपाल फरार हो गए थे। फिलहाल फरार चार अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके सम्भावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (प्रथम) कैलाश चन्द्र बिश्नोई ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस ने तीन मई को दिनदहाड़े पुलिसकर्मी बनकर हवाला कारोबारी के एजेंट विपुल भाई भूरा भाई से बीस लाख लूट मामले में अंतरराज्यीय गैंग के बदमाश कासिम जाफरी (36) निवासी ठाणे महाराष्ट्र हाल भोपाल मध्य प्रदेश, कामरान खान (42) निवासी मऊदरवाजा फरूखाबाद उत्तर प्रदेश, नदीम बेग (41) निवासी मऊदरवाजा फरूखाबाद उत्तर प्रदेश और मजर शेख (44) निवासी कन्नौज उत्तर प्रदेश हाल हांडीपुरा आमेर को भोपाल क्राइम ब्रांच की मदद से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार चारों बदमाशों के कब्जे से लूट गई रकम में से ग्यारह लाख रुपये व वारदात में प्रयुक्त एक बाइक बरामद कर ली गई है। वही इस मामले में फरार बदमाश रहमत निवासी भोपाल मध्य प्रदेश हाल ठाणे महाराष्ट्र, चिन्ना खान निवासी जलगांव महाराष्ट्र, भाकर अली उर्फ युनस निवासी ठाणे महाराष्ट्र, गुलाम निवासी भोपाल मध्य प्रदेश और मोहम्मद अली निवासी स्ट्रीट पूना महाराष्ट्र की तलाश की जा रही है। आरोपित मजर शेख ने गैंग के आठों बदमाश को अपने घर पर शरण दी थी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर (उत्तर-द्वितीय) धर्मेन्द्र सागर ने बताया कि वहीं लूट को लेकर तुरंत पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क देकर रवाना किया गया। पुलिस ने बदमाशों के वारदात से पहले और बाद के आने-जाने वाले रूट का चार्ट बनाया। रूट चार्ट बनाकर सीसीटीवी फुटेजों को खंगाला गया। फुटेज के आधार पर पुलिस टीम ने आमेर के हांडीपुरा में रहने वाले मजर शेख के दबिश दी। मजर शेख को पकड़कर पूछताछ करने पर उसने गैंग को शरण देना स्वीकार किया। होटल-गेस्ट हाउस में आईडी देने पर पुलिस के पकड़े जाने से बचने के लिए शरण के लिए जयपुर में मजर शेख को दोस्त बनाकर वारदात में शामिल किया था। आरोपित मजर शेख से पूछताछ में सामने आया कि वारदात में अंतरराज्यीय गैंग के आठ बदमाशों के शामिल होते है और दो-दो बदमाशों का ग्रुप बनाकर सभी का अलग-अलग काम करते है। पहले दो बदमाशों ने चिन्हित व्यक्ति से सम्पर्क कर रहने की जगह तैयार की। उसके बाद दो अन्य बदमाश रेकी करते है। इसके अलावा दो अन्य बदमाश वारदात के लिए वाहन उपलब्ध कराते है और उसके बाद बचे दो बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर लूट वारदात करते है। वहीं वारदात के बाद सभी बदमाश रुपयों को आपस में बांट कर फरार हो जाते है। पुलिस पूछताछ में और भी कई वारदातें खुलने की आशंका जताई जा रही है।



