
नेपाल में फर्जी भूटानी शरणार्थियों के मामले में प्रचंड पर ओली का दबाव
काठमांडू- 06 मई। नेपाल में फर्जी भूटानी शरणार्थियों के मामले में सीपीएन (यूएमएल) नेताओं के शामिल होने के खुलासे के बाद पार्टी के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल प्रचंड पर दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने आज प्रचंड से मुलाकात की और यूएमएल नेताओं और परिवार के सदस्यों की जांच पर सवाल उठाया।
मुलाकात के बाद प्रचंड ने काठमांडू में एक कार्यक्रम में कहा कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ाने के बाद उन पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रुकेगी। ये सिर्फ ट्रेलर है और पूरी फिल्म देखी जा रही है। घेराबंदी, धमकियों और दबाव का सामना करना पड़ेगा, भ्रष्टाचारियों को मैं नहीं छोड़ूंगा।
प्रचंड से मुलाकात के बाद एक पत्रकार के सवाल के जवाब में ओली ने दावा किया कि वह कार्रवाई से किसी को बचाने वाले नहीं हैं। यूएमएल के सचिव रहे पूर्व उप प्रधानमंत्री टोप बहादुर रायमाझी पर फर्जी शरणार्थियों के मामले में कार्यवाही आगे बढ़ाई गई है। उनके बेटे संदीप रायमाझी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यूएमएल के उपाध्यक्ष रहे पूर्व गृह मंत्री राम बहादुर थापा बादल के अलावा ओली के विश्वासपात्र माने जाने वाले कुछ अधिकारियों पर भी जांच के दायरे में लाए जाने के बाद दबाव बढ़ रहा है। फर्जी शरणार्थियों का मामला नेपाल में बड़ी दिलचस्पी का विषय बन गया है।



