
26वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का PM मोदी ने किया उद्घाटन, कहा- सभी को प्रेरित करती है भारतीय युवाओं की ‘कर सकते हैं’ की भावना
हुबली/नई दिल्ली- 12 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के अमृत काल को राष्ट्र निर्माण के लिए अहम बताते हुए कहा कि हमें देश को आगे ले जाने के लिए अपने कर्तव्यों पर जोर देना चाहिए। उन्होंने युवा शक्ति को भारत की प्रेरक शक्ति बताते हुए कहा कि युवाओं के पास वैश्विक परिदृश्य पर भारत के लिए प्रभाव बनाने का एक विशेष मिशन है।
प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को कर्नाटक के हुबली में 26वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2023 का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद की जयंती को समर्पित राष्ट्रीय युवा दिवस पर उनके आदर्शों, शिक्षाओं और योगदानों को सम्मान देने और संजोने के लिए आयोजित किया गया था। इसका विषय ‘विकसित युवा – विकसित भारत’ था। यह देश के सभी हिस्सों से विविध संस्कृतियों को एक मंच पर लाता है और प्रतिभागियों को एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना से जोड़ता है।
प्रधानमंत्री ने इस वर्ष के राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक ओर, हमारे पास उत्साहपूर्ण राष्ट्रीय युवा महोत्सव है और दूसरी ओर आजादी का अमृत महोत्सव है। आज अमृत काल में हमें अपने कर्तव्यों पर बल देते हुए और उन्हें समझते हुए देश को आगे बढ़ाना है। इसके लिए स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा हैं। “मैं इस अवसर पर उनके समक्ष नतमस्तक हूं।”
उन्होंने कहा, “साल 2023 में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ का ये दिन बहुत विशेष है। एक ओर ये ऊर्जा महोत्सव और दूसरी ओर आजादी का अमृत महोत्सव! “उठो, जागो और लक्ष्य से पहले मत रूको” विवेकानंद जी का ये उद्घोष, भारत के युवाओं का जीवन मंत्र है।”
इस दौरान प्रधानमंत्री ने श्री सिद्धेश्वर स्वामी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जिनका हाल ही में निधन हो गया।
मोदी ने कर्नाटक की भूमि के साथ स्वामी विवेकानंद के जुड़ाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने कई बार कर्नाटक का दौरा किया और मैसूर महाराजा उनकी शिकागो यात्रा के प्रमुख समर्थकों में से एक थे। उन्होंने कहा, “स्वामी जी का भारत-भ्रामण राष्ट्र की चेतना की एकता की गवाही देता है और यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना का एक शाश्वत उदाहरण है।”
स्वामी विवेकानंद जी को उद्धृत करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “भविष्य और राष्ट्र का विकास तब आसान हो जाता है जब हमारे पास युवा शक्ति होती है।” देश की बहुमुखी युवा प्रतिभा के संबंध में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवा हर क्षेत्र में नए कदम उठा रहा है।
प्रधानमंत्री ने बदलते समय के आलोक में राष्ट्रीय लक्ष्यों की बदलती प्रकृति को याद दिलाया और कहा कि 21वीं सदी का यह समय बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज भारत एक विशाल युवा आबादी वाला युवा देश है। मोदी ने कहा, “युवा शक्ति भारत की यात्रा की प्रेरक शक्ति है। अगले 25 साल राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। युवा शक्ति के सपने और आकांक्षाएं भारत की दिशा और मंजिल तय करती हैं और युवा शक्ति का जुनून भारत की राह तय करता है।” उन्होंने कहा कि इस युवा शक्ति का दोहन करने के लिए हमें अपने विचारों से युवा होना होगा। युवा होना हमारे प्रयासों में गतिशील होना है। युवा होना हमारे परिप्रेक्ष्य में मनोरम होना है। युवा होना व्यावहारिक होना है। अगर दुनिया हमें समाधान के लिए देखती है, तो यह हमारी अमृत पीढ़ी के समर्पण के कारण है।
भारत की महिलाएं आज फाइटर जेट उड़ा रही हैं, सेना में शामिल हो रही हैं। साइंस टेक्नोलॉजी, स्पेस ऐसे हर क्षेत्र में हमारी बेटियां बुलंदियां छू रही हैं। ये उद्घोष है कि भारत पूरी शक्ति से अपनी लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनियां की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हमारा लक्ष्य इसे शीर्ष तीन में ले जाना है। देश की यह आर्थिक वृद्धि हमारे युवाओं के लिए अपार अवसर लाएगी। प्रधानमंत्री ने कृषि और खेल क्षेत्र में उभरते अवसरों को दोहराया और इस क्रांति के लिए युवाओं की शक्ति को श्रेय दिया। राष्ट्र के इतिहास में वर्तमान क्षण के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था, शिक्षा, खेल और स्टार्टअप के क्षेत्र में मजबूत नींव रखी जा रही है। आपके उड़ान भरने के लिए रनवे तैयार है। आज दुनिया में भारत और इसके युवाओं के प्रति अपार आशावाद है। यह आशावाद आपके बारे में है। यह आशावाद आपके कारण है और यह आपके लिए है। आज वैश्विक आवाजें कह रही हैं कि यह सदी भारत की सदी है। यह आपकी सदी है, भारत के युवाओं की सदी है! यह एक ऐतिहासिक समय है – जब आशावाद और अवसर एक साथ आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की ताकत को जीवित रखने में महिला शक्ति की भूमिका पर जोर दिया और सशस्त्र बलों, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और खेल में महिलाओं के उभरने के उदाहरणों को जिक्र किया।
मोदी ने 21वीं सदी को भारत की सदी बनाने के लिए भविष्यवादी सोच और दृष्टिकोण के महत्व पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से उभर रही व्यवहारिक और भविष्योन्मुखी शिक्षा व्यवस्था का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के दो संदेशों पर जोर दिया जो आज की इस तेजी से बदलती दुनिया में हर युवा के जीवन का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा, “ये दो संदेश हैं- संस्थाएं और नवाचार!” प्रधानमंत्री ने कहा कि एक संस्था तब बनती है जब हम अपने विचार का विस्तार करते हैं और टीम भावना के साथ काम करते हैं और आज के प्रत्येक युवा से टीम की सफलता के रूप में अपनी व्यक्तिगत सफलता को बढ़ाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह टीम भावना विकसित भारत को ‘टीम इंडिया’ के रूप में आगे बढ़ाएगी।”



