
सिवान -२२ अक्टूबर। जिले में विशेष न्यायालय (पॉस्को एक्ट) ने शुक्रवार को नौ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपित को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित करने का फैसला सुनाया है। मीडिया सेल प्रभारी मनोज सैयाम ने बताया कि आरोपित पीड़िता का रिश्तेदार होने से उनकी पहचान गोपनीय रखने के नियम से पीड़िता और आरोपित का नाम ,पता एवं अन्य जानकारी प्रकट नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि केवलारी थाना अंतर्गत वर्ष 2020 में एक नाबालिग ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 मई 2020 को वह अपने घर पर थी। इस दौरान एक रिश्तेदार उसके घर आया और नाबालिग, उसकी बहन व चाचा की लडकी को लेकर बर्रा जाने के लिए निकला। रास्ते में रिश्तेदार ने उसकी अन्य दो बहनों को बैठने के लिए कहा और नाबालिग को महुआ के पेड के पास ले जाकर जबरदस्ती उसके कपडे उतार कर दुष्कर्म करने की कोशिश करने लगा। नाबालिग ने जैसे-तैसे खुद को छुडाकर रोते हुए घर आई और घटना की जानकारी परिजनों को बताई। जिस पर पुलिस ने भादवि की धारा 363,366ए,376,376(2)च,376 एबी , 05 एम/6 पाक्सो एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया और विवेचना के बाद आरोपित रिश्तेदार के विरुद्ध जिला न्यायालय मे चालान पेश किया गया।मामले की सुनवाई शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पॉस्को एक्ट ) सुमन उइके की न्यायालय में की गई। जहां अभियोजन के तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपित को दोषी पाते हुए भादवि की धारा 366 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड, धारा- 5एम /6 भादवि , पाक्सों एक्ट में आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई।



