
UP:- वर्ष 2009 से जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक उस्मानुलहक की जमानत हाईकोर्ट ने की मंजूर
मुरादाबाद- 29 सितम्बर। हत्या के मुकदमे में वर्ष 2009 से जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मुरादाबाद देहात विधानसभा से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक उस्मानुलहक की गुरुवार को हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। पूर्व विधायक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद किसी भी दिन वह जेल की सलाखों से बाहर आ जाएंगे।
मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के पीपलसाना निवासी पूर्व सपा विधायक उस्मानुलहक के परिवार की वहीं के रहने वाले मोअज्जम के परिवार से रंजिश चल रही थी। बीस सितंबर 2000 को मैनाठेर के गांव अल्लाहपुर भीकन में रहने वाली बहन के घर पीपलसाना को बस का इंतजार कर रहे थे कि तभी पीपलसाना के मुनाजिर कार से गुजर रहे थे। उन्होंने मुअज्जम, मुर्शरफ व उनकी बहन को कार में बिठा लिया लेकिन जब कार संभल रोड पर गागन तिराहे के पास पहुंची तो वहां पीछे से जीप में सवार उस्मानुलहक और उनके साथियों ने मुअज्जम को गोली दी। इस मामले में मुर्शरफ की तहरीर पर उस्मान, अब्दुल अली, सलमान, अथर और मुनाजिर का नामजद किया। इसमें मुरादाबाद की एडीजे कोर्ट वर्ष 2009 में उस्मानुलहक संग पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में उस्मानुहक के अधिवक्ता की ओर से जमानत अर्जी पर सुनवाई जिसमें अदालत ने उस्मानुलहक को दस साल जेल में बिताने के बाद उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। मुकदमा दर्ज कराने वाले मुर्शरफ के प्रयागराज में केस लड़ रहे अधिवक्ता ने बेल की पुष्टि की है, फिलहाल अभी उनकी रिहाई नहीं हुई है।



