
KISHANGANJ:- दो करोड़ रुपये गायब करने की योजनाबद्ध साजिश का पर्दाफाश
किशनगंज-17 सितंबर। इस्लामपुर (पं०बंगाल) के रहने वाले एसआईएस कर्मचारियों द्वारा 13 सितम्बर को इस्लामपुर जिला (पं० बंगाल) के चाकुलिया थाना अन्तर्गत दो करोड़ रुपये गायब करने की योजनाबद्ध साजिश का किशनगंज पुलिस ने महज 36 घंटे में जिला पुलिस कप्तान डॉ इनाम-उल हक मेंगनु के दिशा निर्देश पर पर्दाफाश कर दिया है। 60 लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त तीन बाईक, चार मोबाइल जब्त करने के साथ आठ अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी डॉ इनाम उल हक मेंगनु ने अपने कार्यालय में बताया कि 13 सितंबर के दोपहर एसआईएस कैश वैन से दो करोड रुपये गायब होने की सूचना पर किशनगंज पुलिस के द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तो स्पष्ट हुआ कि घटनास्थल किशनगंज सीमा से करीब ढ़ेर- दो कि०मी० बाहर एन०एच 27 पर स्थित इस्लामपुर जिला (प० बंगाल) के चाकुलिया थानान्तर्गत इंडियन ऑयल पेट्रोल पम्प से करीब 15 मीटर पूर्व बेलान में घटनाकारित की गयी है, जिसकी सूचना चाकुलिया थाना पुलिस को दी गयी। जिसपर चकुलिया पुलिस किशनगंज थाना आकर घटनास्थल देखने हेतु किशनगंज पुलिस के साथ प्रस्थान किये परंतु घटनास्थल के पूर्व ही अन्यत्र चले गये एवं घटना के संबंध में आवेदन एसआईएस कर्मियों से लेने एवं कोई भी कार्रवाई करने से इंकार कर दिये। तत्पश्चात भारी मात्रा में सरकारी राशि को गायब करने के मद्देनजर रखते हुए तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के जजमेंट का अनुपालन करते हुए किशनगंज थाना के द्वारा जमील अख्तर एसआईएस कैश वाहन चालक के बयान पर जीरो प्राथमिकी विरूद्ध अज्ञात दर्ज किया गया।
इमेल, वाट्सअप एंव रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से इस्लामपुर जिला (प०बंगाल) के चकुलिया थाना को भेजा गया। परंतु उन्होनें प्राप्त करने से इंकार कर दिया। तब उक्त जीरो प्राथमिकी को आईसी चाकुलिया के इमेल एंव वाटसअप पर भेजते हुए रजिस्टर्ड डाक से भी भेजा गया। एसआईएस के वरीय पदाधिकारियों के द्वारा भी घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए चाकुलिया थाना जाकर घटना के संबंध में आवेदन देने एवं आवश्यक कार्रवाई करने हेतु अनुरोध किया गया। परंतु चाकुलिया थाना के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार करने पर पुनः किशनगंज थाना आकर अपने एसआईएस के कर्मचारियों पर संदेह व्यक्त करते हुए कैश वान का 01 करोड़ 93 लाख रूपये गायब करने से संबंधित आवेदन किशनगंज थाना को दिया गया। जिसपर किशनगंज थाना कांड सं०-393/22 दिनांक-14.09.2022 धारा-409/420/120बी/34 भादवि दर्ज किया गया।उक्त साजिश को पुलिस अधीक्षक डॉ इनाम उल हक मेंगनु के द्वारा गंभीरता से लेते हुए अपने ही नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया।
छापेमारी टीम द्वारा चालक जमील अख्तर से पुछताछ की गयी तो उन्होनें पुरी योजना को बताते हुए साजिश में शामिल सभी अपराधकर्मियों के बारे में विस्तृत रूप से बताया। साथ ही यह भी बताया कि कालूगॉव थाना ग्वालपोखर में स्थित सुकरूद्धीन के घर पर इस घटना को अंजाम देने हेतु पिछले 15 दिन पूर्व से योजना बनायी गयी थी कि किशनगंज सीमा से कैशवान में तेल डालने के लिए जैसे ही बंगाल सीमा में वाहन प्रवेश करेगी, तब उक्त कैशवान से रूपये अपने अन्य सहयोगियों को हस्तगत करा देना है एवं उसे लूट का झुठा रूप देते हुए स्थानीय थाना को गुमराह करना है। साथ ही चालक ने अपने पैंट में छुपाकर रखे एक सीम को निकाल कर दिया और बताया कि उक्त सीम को ही योजनाबद्ध साजिश को सफल बनाने हेतु प्रयोग किया गया। घटना से पूर्व उक्त सीम से अपराधियों से बातचीत करते हुए योजनानुसार घटना में शामिल 8-9 अपराधकर्मी में से 04 अपराधी बाईक से एसबीआई मुख्य शाखा किशनगंज से जैसे ही कैश वाहन निकली चालक से लोकेशन लेते रहे एवं स्वयं जिला इस्लामपुर के चकुलिया थाना क्षेत्र में कैशवान का इंतेजार करते रहे।
खगडा एटीएम में कैश डालने के पश्चात कैश वाहन तेल लाने के बहाने चाकुलिया थाना क्षेत्र में पहुॅची तो योजनानुसार उक्त कैशवान के शेष रूपये निकालकर अपने सहयोगियों को हस्तगत करा दिया एवं गलत जानकारी किशनगंज थाना पुलिस को दिया। जमील के बयान, आसूचना संकलन एवं तकनिकी अनुसंधान के आधार पर किशनगंज पुलिस के द्वारा दिनांक-14/15 की मध्य रात्रि इस्लामपुर जिला के ग्वालपोखर थाना के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय सरपंच एवं कुछ ग्रामीणों के सहयोग से छापेमारी कर घटना में शामिल तीन अपराधकर्मियों को गिरफ्तार करते हुए 60 लाख रूपये, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा किशनगंज का मूहर लगा पर्ची, घटना में प्रयुक्त तीन बाईक एवं चार मोबाईल को जप्त करते हुए इस्लामपुर जिला (प०बंगाल) के स्थानीय थाना ग्वालपोखर को सूचित किया गया। अग्रतर अनुसंधान जारी है। एस०आई०एस० कर्मचारियों की योजनाबद्ध साजिश था।



