
यूक्रेन वार्ता के बजाय युद्ध करने पर अमादा: व्लादिमीर पुतिन
समरकंद/नई दिल्ली- 16 सितंबर। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत की चिंता से अवगत है तथा हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द यह समाप्त हो।
पुतिन ने कहा कि रूस विचार-विमर्श के जरिये समस्या का समाधान करने के लिए प्रयासरत है लेकिन दूसरा पक्ष यूक्रेन इसके लिए इच्छुक नहीं है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन का नेतृत्व अपने लक्ष्यों को युद्ध के मैदान में ही हासिल करने पर अमादा है। पुतिन ने मोदी से कहा कि वह यूक्रेन के घटनाक्रम के बारे में उन्हें अवगत कराते रहेंगे।
राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में संघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर शुक्रवार को द्विपक्षीय वार्ता की। पुतिन ने अपने प्रारंभिक संबोधन में भारत और रूस की विशिष्ट रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर भारत और रूस के लोगों को शुभकामना दी। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस में यह परंपरा है कि किसी व्यक्ति को जन्मदिवस की अग्रिम शुभकामना नहीं दी जाती लेकिन हमें पता है कि कल आपका जन्मदिन है और इसे लेकर हम आपको और भारतवासियों को शुभकामना देते हैं।
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद कायम रहा तथा हमने तालमेल बनाये रखा। उन्होंने कहा कि भारत के अनुरोध पर रूस ने उर्वरकों की आपूर्ति की। उर्वरक आपूर्ति में आठ गुना इजाफा हुआ। इससे भारत के कृषि क्षेत्र को और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत और रूस तेल, गैस और परमाणु ऊर्जा की परियोजनाओं पर अमल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति के बारे में रूस में बहुत आकर्षण है। उन्होंने दोनों देशों के बीच वीजा मुक्त पर्यटन व्यवस्था कायम करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के अलावा उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान से भी द्विपक्षीय वार्ताएं कीं।



