
मधुबनी शहर में नाला से अतिक्रमण हटते मिल रहे कुऐं, अबतक मिल 18 कुआं
मधुबनी-13 जून। शहर में नाला से अतिक्रमण हटाने पर कुआं निकल रहा है। जल निकासी के लिए खाली कराया जा रहा है नाला तो जहां तहां कुआं निकल रहा है। यह कुआं लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। लोग कुआं देख स्तब्ध भी हैं। तथा नगर निगम के कार्यो की सराहना भी कर रहे हैं। शहर में चलाये गये अतिक्रमण अभियान में अबतक 18 कुआं मिला है, जो लोगों के द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया था। नाला पर पक्का कंस्ट्रक्शन कर उसे पाट दिया गया था और जब उसे तोड़ा गया तो उससे जुड़ा कुआं बाहर आया है। अब नगर निगम जल जीवन हरियाली के तहत इन सभी कुआं के जीर्णोद्धार की योजना बना रही है। इससे पहले जल जीवन हरियाली के तहत शहर में कुआं जीर्णोद्धार की योजना बनी लेकिन कुआं अतिक्रमित होने के कारण यह कार्य विफल हो गया। अब नाला से अतिक्रमण हटाने के बाद एक एककर कुआं सामने आ रहा है। महिला कॉलेज रोड में नाला हटाने के दौरान लगभग दस फीट अंदर तक कब्जा कर लिये गये से कुआं निकला है। इसीतरह बाटा चैक से थाना मोड़ जाने वाली मुख्य सड़क पर भी कुआं निकला है। कटघरा के पीछे का कुआं सामने आया है। आरके कॉलेज, गंगा सागर चोक, सुभाष चोक, शंकर चोक, वार्ड एक में दो, वार्ड 24 में दो और अन्य वार्ड में भी कुआं होने का मामला सामने आने लगा है।
मधुबनी शहर में है 87 कुआं जमींदोज—
शहर में 87 कुआं जमींदोज हालत में है। इस कुआं को खोजना नगर निगम के लिए चुनौती बना है। निवर्त्तमान उप मुख्य पार्षद वारिस अंसारी ने बताया कि कुछ कर्मी की मिलीभगत से ही इन सभी कुआं पर दखल कब्जा दबंगों के द्वारा कर लिया गया। कई वार्ड पार्षद के घर के आसपास के कुआं भी डेड कर दिया गया है। जिनपर उनके सगे संबंधी की कब्जा जमा लिये है। यहां के पोखर की बहुतायत थी। यह भी खत्म हो सा गया है। ऐसे में पूरे शहर में हर साल वाटर लेवल लगातार नीचे जा रहा है। जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट अब गंभीर समस्या शहर के लिए बनती जा रही है। यह गिरावट दो दशक में कुछ अधिक ही हुआ है। विकास की रफ्तार जल को ही लील रहा है। हालत अब इतनी गंभीर हो चुका है कि शहर में सोख्ता निर्माण पर लगातार फोकस किया जा रहा है। निवर्त्तमान सशक्त स्थायी समिति सदस्य मनीष कुमार सिंह ने बताया कि यह तो ऐसी ही बात हुई कि अपना फेक दे और औरों से उधार मांगे। अपने यहां ही परंपरा से कुआं और तालाब की अधिकता है। केवल उसे संरक्षित करने की आवश्यकता है।
क्या कहते हैं उपायुक्त—
नगर निगम के उपायुक्त अरुण कुमार ने बताया कि कुआं पर कब्जा की जानकारी मिली है। उसे खाली कराये जाने का आदेश दिया गया है। जहां भी कुआं है, उसका जीर्णोद्धार कर जलस्तर मेंटेन के लिए उपयेागी बनाया जायेगा।



