
शिक्षक का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रकाशस्तंभ: डॉ. फूलो पासवान
दरभंगा- 29 मई। शिक्षक कभी भी सेवानिवृत्त नहीं होते। चाहे वह सेवा में हो या घर पर,वह हमेशा शिक्षक होता है और जीवन की अंतिम सांस तक शिक्षक रहता है। यह बात डॉ. फूलो पासवान, प्राचार्य,सीएम कॉलेज,दरभंगा ने उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुहम्मद जफर आलम के विदाई समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने आगे कहा कि एक शिक्षक का जीवन छात्रों के लिए एक प्रकाशस्तंभ होता है और छात्र उनके जीवन से बहुत कुछ सीख सकता है। जफर साहब ने इस कॉलेज में 40 साल बिताए हैं और उन्होंने कॉलेज के लिए बहुत कुछ किया है। हम सभी उनकी सेवाओं और अनुभवों से लाभान्वित होते रहेंगे

सीएम कॉलेज दरभंगा का एक महत्वपूर्ण कॉलेज है। तथा जफर साहब ने इस कॉलेज के लिए जो काम किया है, वह एक मिसाल है। उनकी सेवाओं को हमेशा याद किया जाएगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के मैथिली विभागाध्यक्ष प्रो नारायण झा ने पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि मेरा जफर साहिब के साथ आध्यात्मिक संबंध रहा है। मेरी आत्मा जिस व्यक्ति में समाहित है वो जफर साहब हैं । उनके जाने के बाद से मुझे बहुत अकेलापन महसूस हो रहा है। मिथिला विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. रुद्रकांत अमर ने जफर साहब की प्रशंसा करते हुए कहा कि जफर साहब चुपचाप काम करने में विश्वास रखते थे। इनकम टैक्स से लेकर कॉलेज के शिक्षकों के वेतन तक का काम भी उन्होंने किया है। वह उर्दू तक ही सीमित नहीं थे,बल्कि अन्य विषयों और कार्यों तक उनकी पहुंच थी। सेवानिवृत प्रोफेसर नरेंद्र झा ने अपने साथ बिताए दिनों को याद किया और कहा कि अपने विषय पर जफर साहब की अच्छी पकड़ थी आज उर्दू विभाग के छात्रों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि उनके शिक्षण से उनके छात्रों को कितना लाभ हुआ है। इस अवसर पर सीएम कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ प्रभात चौधरी और सचिव दिवाकर कुमार सिंह,अंग्रेजी की प्रोफेसर मंजू राय ने भी जफर आलम साहब को शुभकामनाएं दीं।
मौके पर एमए सेमेस्टर तीन छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए और जफर साहब के शिक्षण पर बात की। समारोह में सीएम कॉलेज दरभंगा के सभी शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया। तथा जफर आलम साहब की लंबी उम्र और आने वाले समय के लिए शुभकामनाएं दीं।



