
रूस पर प्रतिबंधों की आंच,अमेरिका की सख्ती के बाद ब्रिटेन,कनाडा और जर्मनी भी एक्शन में
वाशिंगटन- 24 फरवरी। यूक्रेन संकट के लिए जिम्मेदार रूस पर अमेरिका समेत अन्य देशों ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इन देशों के प्रतिबंधों के दायरे में रूसी बैंक, कर्ज, सहायता और निवेश भी है। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने चेतावनी दी है कि रूस ने अगर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ा तो उसको गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, जो उसे बर्बादी की तरफ ले जाएगा।
राष्ट्रपति बाइडन ने रूस को मिलन वाले कर्ज और रूस के प्रभावशाली लोगों व उनके परिवार के लोगों पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ रूस ने यूक्रेन के स्वतंत्र घोषित किए प्रांतों का अमेरिका का आर्थिक संबंध नहीं होगा। बाइडन ने रूस के कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों का यह तीसरा दौर है। सबसे पहले 2014 में यूक्रेन का हिस्सा रहे क्रीमिया पर कब्जे के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन प्रशासन रूसी कंपनी नार्ड स्ट्रीम-2 एजी पर भी प्रतिबंधों की योजना बना रहा है। नार्ड स्ट्रीम-2 रूस की गैस पाइपलाइन के निर्माण की प्रभारी कंपनी है। यह प्रतिबंध भी रूस के खिलाफ अमेरिका की ओर से लिए गए एक्शन का हिस्सा होगा।
2016 के अमेरिकी चुनाव में रूसी हस्तक्षेप के विरोध में अमेरिका ने रूस से हथियारों की खरीद करने और गोपनीय सूचनाएं साझा करने पर रोक लगाई। अब पूर्वी यूक्रेन के विद्रोहियों के कब्जे वाले डोनेस्क और लुहांस्क प्रांतों के हिस्सों को स्वतंत्र देशों की मान्यता दिए जाने के विरोध में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को डोनेस्क और लुहांस्क से सभी तरह के व्यापार, निवेश और सहायता पर रोक लगा दी। इसी के साथ कनाडा के नागरिक रूस को मिलने वाले कर्ज की प्रक्रिया में भी किसी रूप में शामिल नहीं होंगे। कनाडा ने रूस के दो सरकारी बैकों से सारे लेन-देन रोक दिए हैं।
इसी प्रकार से रूसी संसद के सदस्यों पर भी प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं, जिन्होंने डोनेस्क और लुहांस्क को स्वतंत्र दर्जा देने वाले प्रस्ताव को स्वीकृति दी। पिछले हफ्ते पहले रूसी संसद ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी। दोनों देशों के साथ रूस ने सुरक्षा समझौता भी कर लिया है। इसी के तहत वहां पर रूसी सेना तैनात की जा रही है। ट्रूडो ने यूक्रेन के आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सैनिक भेजने की भी घोषणा की है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा है कि रूस का कदम यूक्रेन की संप्रभुता पर हमला है।
ब्रिटेन ने पांच रूसी बैंकों और राष्ट्रपति पुतिन के नजदीकी तीन अरबपति रूसी नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिया है। रूसी न्यूज चैनल आरटी के संचालक, निवेश और उसके लाइसेंस के बारे में ब्रिटेन ने जानकारी एकत्रित करनी शुरू कर दी है।
इसके अलावा जर्मनी के चांसलर ओलफ शुल्ज ने रूस और अपने देश के बीच की नार्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन परियोजना पर कार्य रोकने की घोषणा की है। दस अरब यूरो (करीब 83 हजार करोड़ रुपये) की इस परियोजना से रूस से जर्मनी को नैचुरल गैस की आपूर्ति होनी थी। इस प्रतिबंध से रूस को बड़ा आर्थिक नुकसान होगा और यूरोप में गैस के दाम बढ़ सकते हैं। यूक्रेन ने अपने दो हिस्सों को स्वतंत्र घोषित करने की प्रक्रिया से जुड़े सांसदों और अधिकारियों को प्रतिबंधित करने की घोषणा की है।



