
पेगासस स्पाईवेयर से इजरायल नागरिकों की जासूसी के सुबूत मिले
यरूशलम- 2 फरवरी। दुनियाभर में इजरायल के पेगासस स्पाइवेयर से नागरिकों की जासूसी के आरोप अब सच होते दिख रहे हैं। इसकी पुष्टि इजरायल पुलिस को मिले सुबूतों से हो रही है। अगर इन सुबूतों को सच मानें तो पुलिस विभाग के ही कुछ लोगों ने पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल गैरकानूनी तरीके से किया। पुलिस ने मंगलवार को खुद यह जानकारी दी है।
दरअसल, पिछले माह एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 2020 में पुलिस ने तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल नेताओं व आम नागरिकों के मोबाइल हैक किए थे। इसके लिए साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ के स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल किया गया था। इस मामले को लेकर संसद में जमकर हंगामा हुआ था और सांसदों ने इसकी जांच की मांग रखी थी। इससे पहले तक पुलिस भी इन आरोपों से इनकार करती आ रही थी। इजरायल के अटार्नी जनरल ने पुलिस को एक जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
इजरायली स्पाईवेयर पेगासस के कथित इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की गई। जिसमें न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेने और इजरायल के साथ 2017 में हुए रक्षा सौदे की जांच की आदेश देने की मांग की है। समाचार पत्र में दावा किया गया था कि भारत ने 2017 में इजरायल के साथ किए गए रक्षा सौदे के एक हिस्से के रूप में पेगासस स्पाईवेयर खरीदा था। याचिका में कहा गया है कि इस सौदे को संसद ने मंजूरी प्रदान नहीं की थी, इसलिए इसे रद करने और पैसा वापस लेने की जरूरत है।



