
88 वर्षों बाद झंझारपुर-सुपौल रेल लाईन पर सेवा बहाल होने से मिथिलांचल के लोगों में खुशी
मधुबनी- 07 मई। अट्ठासी वर्षों बाद ट्रेन चलने से मिथिलांचल के लोगों में अपार हर्ष देखा गया। झंझारपुर से सुपौल के कुपहा तक 38 किलोमीटर रेल लाईन पर ट्रेन यातायात शुरू हुआ जिससे इलाके के लोगों में खुशी देखी गयी। इस ट्रैक के चालू हो जाने से चार जिलों का ट्रेन से यातायात सुगम हो गया है । दरभंगा-मधुबनी सुपौल सहरसा जिला के लाखों की आबादी को ट्रेन यातायात से होगा लाभ। एक साथ तीन जोड़ी ट्रेन चलेगी इस रूट पर। 88 वर्ष बाद रेल मार्ग से जुड़ा मिथिलांचल और सीमांचल।
शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कांफ्रेनसिंग से उद्घाटन किया और गार्ड के द्वारा हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया गया । इलाके के करीब 30 लाख लोग होंगे लाभान्वित। 1934 के भूकंप में रेल महासेतु के टूट जाने से बंद हुए रेलखंड पर 2012 से आमान परिवर्तन कार्य हुआ शुरू था।रेल चालू होने से जहां ब्यापार में बृद्धि होगी वहीं यात्रियों को सुविधा मिलेगी। झंझारपुर जंक्शन पर लोकार्पण को लेकर मौके पर मंत्री शीला मंडल विजेंद्र यादव सांसद आरपी मंडल विधायक नीतीश मिश्रा सहित रेल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों की माने तो रेल यातायात शुरू होने से यात्री सस्ते टिकट पर आवागमन करेंगे। यात्रियों ने बताया ये बाढ़ पीड़ित इलाका रहा है और अब ट्रेन चालू हो जाने से ये इलाका देश दुनिया से जुड़ गया है।ट्रेन भाड़ा की अपेक्षा बस की भाड़ा कई गुणा अधिक है।ट्रेन शुरू होने से इलाके के लोगों में काफी खुशी है।



