
450 साल के पुर्तगाली शासन के बाद भी गोवा के लोगों ने स्वराज के आंदोलन को थमने नहीं दिया: PM
पणजी/नई दिल्ली- 19 दिसंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसा भाव है, जहां राष्ट्र ‘स्व’ से ऊपर होता है। सर्वोपरि होता है। जहां एक ही मंत्र होता है-राष्ट्र प्रथम। जहां एक ही संकल्प होता है-‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत।’
गोवा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित गोवा मुक्ति दिवस समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि 450 साल के पुर्तगाली शासन के बाद भी गोवा के लोगों ने मुक्ति और स्वराज के लिये आंदोलनों को थमने नहीं दिया। उन्होंने भारत के इतिहास में सबसे लम्बे समय तक आजादी की लौ को जलाकर रखा। उन्होंने कहा कि समय और सत्ताओं की उठापटक के बीच सदियों की दूरियों के बाद भी न गोवा अपनी भारतीयता को भूला, न भारत अपने गोवा को भूला। ये एक ऐसा रिश्ता है, जो समय के साथ और सशक्त ही हुआ है।
देश की तमाम रियासतों के एकीकरण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मरण करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि सरदार पटेल कुछ और साल जीवित होते, तो गोवा को अपनी मुक्ति के लिए इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। प्रधानमंत्री ने गोवा मुक्ति विमोचन समिति के सत्याग्रह में अपने प्राण गंवाने वाले 31 सत्याग्रहियों को नमन करते हुए इन सभी बलिदानियों और पंजाब के वीर करनैल सिंह बेनीपाल जैसे वीरों के बारे में सोचने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गोवा के संकल्प और सपने देश को ऊर्जा दे रहे हैं। गोवा की धरती, गोवा की हवा और गोवा के समंदर को प्रकृति का अद्भुत वरदान मिला हुआ है। आज आप सभी का गोवा की धरती पर यह जोश, गोवा की हवाओं में मुक्ति के गौरव को और बढ़ा रहा है।
शासन में गोवा की प्रगति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सुशासन, पर्यटन और प्रति व्यक्ति आय सहित तमाम क्षेत्रों में गोवा देश में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने कहा कि गोवा की प्राकृतिक सुंदरता हमेशा इसकी पहचान रही है लेकिन अब यहां की सरकार गोवा की एक और पहचान को मजबूत कर रही है। प्रदेश की यह नई पहचान शासन के हर कार्य में अग्रणी होने की है। उन्होंने कहा कि जब देश के अन्य राज्यों में जब काम की शुरुआत होती है या काम आगे बढ़ता है तब तक गोवा उसे पूरा कर चुका होता है।
प्रधानमंत्री ने राज्य को खुले में शौच मुक्त बनाने, कोरोना रोधी टीकाकरण, ‘हर घर जल’, जन्म और मृत्यु के पंजीकरण और लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए अन्य योजनाओं के लिए गोवा के शानदार प्रदर्शन का उदाहरण दिया। उन्होंने स्वयंपूर्ण गोवा अभियान के प्रदर्शन की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य के शासन में उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री और उनकी टीम को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताया। उन्होंने हाल ही में समाप्त हुए भारत के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए राज्य की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का स्मरण करते हुये कहा कि गोवा की इन उपलब्धियों और नई पहचान को जब मैं मजबूत होते देखता हूं तो मेरे अभिन्न साथी मनोहर पर्रिकर की भी याद आती है। उन्होंने न केवल गोवा को विकास की नई ऊंचाई तक पहुंचाया, बल्कि गोवा की क्षमता का भी विस्तार किया।
जनसभा को संबोधित करते हुये प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गोवा के लोग कितने ईमानदार होते हैं, कितने प्रतिभावान और मेहनती होते हैं, देश गोवा के चरित्र को मनोहर के भीतर देखता था। आखिरी सांस तक कोई कैसे अपने राज्य और अपने लोगों के लिये लगा रह सकता है, उनके जीवन में हमने यह साक्षात देखा।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ऑपरेशन विजय’ के स्वतंत्रता सेनानियों और योद्धाओं को सम्मानित किया। इस दौरान गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गोवा मुक्ति संग्राम के दौरान विभिन्न घटनाओं की तस्वीरों का एक कोलाज प्रदर्शित करने वाले ‘मेघदूत पोस्ट कार्ड’ प्रधानमंत्री को भेंट किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ऑपरेशन विजय’ के स्वतंत्रता सेनानियों और योद्धाओं को सम्मानित किया। इस दौरान गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गोवा मुक्ति संग्राम के दौरान विभिन्न घटनाओं की तस्वीरों का एक कोलाज प्रदर्शित करने वाले ‘मेघदूत पोस्ट कार्ड’ प्रधानमंत्री को भेंट किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ पंचायत, नगर पालिका, स्वयंपूर्ण मित्रों और स्वयंपूर्ण गोवा कार्यक्रम के लाभार्थियों को पुरस्कृत किया। इस दौरान उन्होंने 650 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसमें पुनर्निमित फोर्ट अगुआड़ा कारागार संग्रहालय, गोवा चिकित्सा महाविद्यालय में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, न्यू साउथ गोवा जिला अस्पताल, मोपा हवाई अड्डे पर विमानन कौशल विकास केंद्र सहित कई विकास परियोजना शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराने वाले भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गये ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता को चिह्नित करने के लिए हर वर्ष 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस समारोह का आयोजन किया जाता है।



