
1947 की मध्य रात्रि में स्वराज मिला, स्वतंत्रता नहीं:RSS
वाराणसी/यूपी-27 नवम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार ने शनिवार को कहा कि 1947 की मध्य रात्रि में स्वराज मिला, स्वतंत्रता नहीं मिली। ऐसे में भारत के सभी पुत्र-पुत्रियां अपने दायित्व का निर्वहन राष्ट्रहित में करें, स्वाधीनता अवश्य प्राप्त होगी। नंद कुमार काशी दक्षिण भाग के अमृत महोत्सव आयोजन समिति काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ओर से परिसर स्थित स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित “स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
जे. नंदकुमार ने कहा कि हर क्षेत्र में स्वतंत्रता के लिए कार्य हुआ। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने विश्वविद्यालय रूपी तीर्थ बनाया है। यह भी शिक्षा के क्षेत्र में स्वतंत्रता संग्राम है। स्वतंत्रता किन्हीं दो परिवारों के रसोई की कोई रचना नहीं है। उन्होंने आह्वान किया कि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और अध्यापकों सम्पूर्ण सन्दर्भों में इतिहास बताना चाहिए।
1494 में स्पेन में एक बैठक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पोप ने कुछ राजाओं को बुलाया और स्पेन-पुर्तगाल को क्रमशः पश्चिम और पूर्व में भेजा गया। व्यापार करना इन औपनिवेशिक आक्रान्ताओं का उद्देश्य नहीं था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम 1498 से ही प्रारंभ हो गया। 1759 में प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला पराजित हुआ। इसे आज भी स्वतंत्रता सेनानी माना जाता है, जो एक मिथक है। सत्य यह है कि यह युद्ध मात्र एक घंटे चला।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र कार्यवाह डॉ वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि प्राचीन समय में न्याय शास्त्र हमारा धर्म हुआ करता था। सिकंदर जो भारत में प्रवेश नहीं कर पाया, उसे कुछ लोग विश्व विजेता बताते हैं। दुर्भाग्य से हम एक हजार वर्षों की पराधीनता में रहे। अंग्रेजों ने छह लाख विद्यालय बंद कर दिये। इस विषय में आज की शिक्षा प्रणाली में हमें विचार करना चाहिए।
“एक मंच-एक स्वर” में गाया वन्दे मातरम—
कार्यक्रम में “एक मंच-एक स्वर” का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ ज्ञानेश चन्द्र पांडेय एवं प्रो. बाला लखेन्द्र के संयुक्त संयोजन में एक मंच पर एक स्वर में संगीत एवं मंच कला संकाय के 75 विद्यार्थियों ने बीएचयू के कुलगीत एवं वन्देमातरम की प्रस्तुति दी। प्रो. रेवती संग्लकर ने “ऐ मेरे वतन के लोगों” गीत प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। अध्यक्षता छात्र अधिष्ठाता डॉ एम.के. सिंह, संचालन धीरेन्द्र राय एवं धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक प्रो.बालालखेन्द्र ने दिया। कार्यक्रम में रामकुमार, कृष्णचंद्र, डॉ हरेन्द्र राय, प्रो. मंजू द्विवेदी, डॉ उपेन्द्र , प्रो. के.के. द्विवेदी आदि की उपस्थिति रही।
कामाख्या नगर में अमृत महोत्सव—
स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अंतर्गत कामाख्या नगर के क्रांति पल्ली कॉलोनी के निवासियों ने भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। तिरंगा यात्रा क्रांति पल्ली कालोनी से महावीर कालोनी, शिवअवध धाम अपार्टमेंट, काशी इन्कलेव सरीन रेजीडेंसी, सुदामा पुर सरस्वती नगर से होती हुई वापस क्रांति पल्ली कॉलोनी पार्क पर समाप्त हुई।



