
हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले की सुनवाई की, कहा- आपराधिक कार्यवाही नहीं रोकी जायेगी
रांची- 21 अक्टूबर। झारखंड हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर शनिवार को फैसला सुनाया। फैसले में हाई कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि किसी कंपनी से निदेशक पद के इस्तीफे से कोई स्वचालित रूप से कानूनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो जाता, खासकर तब जब चेक उनके द्वारा साइन किया गया हो। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
दरअसल, रुद्र स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के विरोध में हाई कोर्ट में दो क्रिमिनल रिट दाखिल की गयी थी, जिसमें कहा गया था कि प्रमोद शंकर दयाल और कृष्णा सिंह ने 11 लाख 90 हजार का चेक जारी किया था, जो अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया।
इसके बाद दोनों को लीगल नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। दोनों याचिकाकर्ता के चेक के हस्ताक्षरकर्ता थे और उनकी स्थितियां समान थीं। इसलिए अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं रोकी जायेगी।



