
हमारी दिलचस्पी समाज सुधार में है न कि राष्ट्रपति बनने में: CM नीतीश
पटना- 23 फरवरी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को जमुई में समाज सुधार यात्रा की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी दिलचस्पी समाज सुधार में है न कि राष्ट्रपति बनने में। साथ ही कहा कि इस तरह का भ्रम कौन फैला रहा, यह हमारी समझ से परे है।
राष्ट्रपति बनने के सवाल पर सीएम नीतीश ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की है । हमारी दिलचस्पी समाज सुधार को लेकर है। लोग सौहार्दपूर्वक रहें। सीएम ने कहा कि कोई पीएम बनाकर दिल्ली भेज रहा और कोई राष्ट्रपति बनाकर राष्ट्रपति भवन। घोर आश्चर्य है। कोई बात ही नहीं है। हमलोगों को कोई लेना-देना नहीं । आज सवेरे हमने न्यूज पेपर पढ़ा तो हमें आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि हमारी दिलचस्पी समाज सुधार, समाज में प्रेम-भाईचारे बढ़े इसमें है। हमारे मन में इस तरह का कोई विचार नहीं है।
इससे पहले सीएम नीतीश ने जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा मुक्ति के लिए लोगों को जागरूक किया। दहेज प्रथा समाज की कुरीति है। इस कुरीति को खत्म करना है। मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि बताइए लड़का-लड़का में शादी हो सकती है? क्या लड़का-लड़का से बच्चा पैदा होगा ? बिना लड़की के बच्चा पैदा नहीं हो सकता। फिर भी लड़की से दहेज लेते हो। यह प्रथा बंद होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरजातीय विवाह को भी बढ़ावा दीजिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में जहरीली शराब से हो रही मौत पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब पीने से पहले भी लोग मरते थे। हाल के दिनों में जब जहरीली शराब से मौत हुई तो कुछ लोगों ने कहा कि शराबबंदी कानून की वजह से लोग जहरीली शराब का सेवन कर रहे। कुछ लोग इस पर सवाल खड़े करने लगे। दूसरे राज्यों में तो बिहार से भी ज्यादा लोग जहरीली शराब से मर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में शराबबंदी कानून लागू नहीं वहां भी बड़ी संख्या में लोग मरे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अंतर्जातीय विवाह करने वाले वर-वधुओं को हमने शुभकामना दिया।उन्होंने कहा कि हमें यह जानकर अच्छा लगा कि लड़की पासवान जाति की है और लड़का मांझी जाति का। हमलोग अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को पुरस्कार देते हैं। इस जोड़े को आज ही एक लाख रुपये का पुरस्कार देने को कहा है। सीएम नीतीश ने कहा कि समाज सुधार निरंतर चले हम यही चाहते हैं।
2016 में जब शराबबंदी कानून लागू किया था तो सभी कमिश्नरी में गए थे, लोगों को जागरूक किया था। इस बार 12 जगहों पर कार्यक्रम किया जा रहा है। हमलोग हमेशा से शराब के खिलाफ थे। कुछ लोग गड़बड़ होता ही है वो गड़बड़ करेगा ही। 10 फीसदी से नीचे के लोग महा गड़बड़ करता है। कुछ बड़े-बड़े लोग हैं उसमें कुछ लिखने वाले लोग हैं वो अपने आप को काबिल समझते हैं। कुछ लोग बड़े नाराज हैं हमशे। हमसे क्यों नाराज हैं,शराब से कितना नुकसान है? फिर भी हमसे नाराज हैं।
सभा को संबोधित करते हुए मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि जहरीली शराब से मौत पहले भी हुई है। शराबबंदी कानून से पहले भी बिहार में शराब से सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। जिन राज्यों में शराबबंदी कानून लागू नहीं है वहां भी मौत हो रही। हाल ही में पड़ोसी राज्य में जहरीली शराब से छह लोगों की मौत हुई है। बिहार सरकार शऱाबबंदी कानून लागू करने को प्रतिबद्ध है। स्पीडी ट्रायल चलाकर शराब कारोबारियों की सजा दिलाने की कोशिश जारी है। शराब पर निगरानी के लिए ड्रोन से निगरानी की जा रही है।



