

मधुबनी। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर मधुबनी जिला मुख्यालय में इंसानियत और भाईचारा का माहौल देखा गया। अंजुमन इत्तेहाद-ए-मिल्लत के आयोजन में मंगलवार 12 रबीअव्वल को सूड़ी हाई स्कूल मैदान से अंजुमन के अध्यक्ष मो अमानुल्लाह खान के नेतृत्व में जुलुस-ए-मोहम्मदी निकला गया। तथा जुलूस की सरपरस्ती मौलाना जमीरूद्दीन,कारी शमीम अनवर,अब्दुल मन्नान,मौलाना अनावारूल हक,मौलाना गुलाम मुर्तुजा,हाफिज शकील,समीतुल्ला खान उर्फ झुन्ना खान,मो० जमील अंसारी आदि ने किया। वही इस्लामी प्रवचनकर्ताओं ने अपने पैगम्बर मोहम्मद साहब के बताए मार्ग पर चलने की आम लोगों से अपील किया। जबकि अंजुमन के अध्यक्ष अमानुल्लाह खान ने अपने प्रवचन में कहा कि अल्लाहताला ने अपने आखरी नबी हजरत मोहम्मद सल्लल्लाह अलेहे वसल्लम पर अपनी आखरी किताब कुरआन मजीद को 23 साल में नाजील करके उनके लिए दीन-ए-इस्लाम को मोकम्मल किया। तथा पिछली शरीअतो को मनसुख करके इस आखरी उम्मते मोहम्मदी को अपनी पिछली तमाम किताबों और अपने पिछले तमाम रसुलों पर सिर्फ इमान लाने का हुकम फरमाया। तथा अल्लाहताला ने अपने आखरी रसुल पैगम्बर साहेब के जरिए कुरआन मजीद को तमाम आलमे इस्लाम तक पहुंचाने का हुकुम फरमाया। जो इंसान के लिए नसीहत और हिदायत है। तथा अपने हबीब को दुनिया के तमाम इंसानों और हर मखलूक के लिए रहमतुल्ल आलेमीन बनाकर भेजा। मुसलमानों से अपील किया कि हमें अपनी जिंदगी में बेईमानी मक्कारी,सुध,झूठ,शराब एवं दहेज जैसी समाज में फैली बुराइयों को जड़ से उखाड़ फेंके। तथा अपने देष से सच्ची मोहब्बत करो। क्योंकि यही इमान का हिस्सा है। हमें नमाज, रोजा,हज,जकात और आम इंसानों के भलाई करने का भी हुक्म दिया गया। यकीनन हम उनके बताए मार्ग पर चले,तो हमारी जिंदगी में इंकलाब आएगा। आज ही के दिन 12 रबीअव्वल को मक्का में पैगम्बर साहब पैदा हुए थे। इस 12 रबीअव्वल के मौके पर मुसलमानों ने देष की सलामती के लिए दुआ मांगी। अमानुल्लाह खान ने कहा कि मजहब-ए-इस्लाम पुरी दुनिया को अमन एवं शांति का पैगाम देता है। निकाले गए जुलूस मोहम्मदी में रेहान आलम,मो० इम्तियाज अली,अधिवक्ता मो० जहांगीर, तुल्लाह खान,खालिद आजम,मो० जावेद,हैदर खान,डॉक्टर मासुक अंजूम,रिजवान हसन रोमी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल थे।



