
सुप्रीम कोर्ट के जज पीएस नरसिम्हा काशी में दुर्लभ पांडुलिपि देखकर अभिभूत
वाराणसी- 29 दिसम्बर। सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की गुरुवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में खास मौजूदगी रही। विश्वविद्यालय में आये न्यायमूर्ति ने सरस्वती भवन में रखे एक लाख से अधिक दुर्लभ पाण्डुलिपियों को देखा। इसमें स्वर्णपत्र आच्छादित, लाक्षपत्र पर कमवाचा, स्वर्णाक्षरयुक्त रास पंचाध्यायी को देख न्यायमूर्ति अभिभूत नजर आये। न्यायमूर्ति ने धर्म शास्त्र एवं राजनीति शास्त्र के पुस्तकों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय शास्त्रों से युक्त है। यहां की पांडुलिपियां अत्यंत दुर्लभ हैं। इसके समुचित संरक्षण एवं अध्ययन की आवश्यकता है। इसके पहले विश्वविद्यालय में आने पर न्यायमूर्ति का स्वागत कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने किया। प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने न्यायमूर्ति को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर बताया कि सरस्वती भवन में रखे एक लाख से अधिक दुर्लभ पाण्डुलिपियों को रखा गया है। इस ग्रन्थालय में ढाई लाख पुस्तकें एवं ग्रंथ हैं। खास बात ये रही कि न्यायमूर्ति ने विवि में भ्रमण के दौरान भारतीय परिधान धोती, कुर्ता पहन रखा था। इस दौरान प्रो. हरिशंकर पांडेय, प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. राजनाथ, प्रो. हीरककान्ति चक्रवर्ती, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. शैलेश कुमार, डॉ पद्माकर मिश्र आदि भी मौजूद रहे।



