
सीआईएमपी बीआईआईएफ और करेकबा वेंचर्स के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
पटना- 10 मार्च। सीआईएमपी सभागार में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित समारोह का आयोजन किया गया। यह एमओयू सीआईएमपी बिजनेस इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन फाउंडेशन एवं करेकेबा वेंचर्स के बीच सेकंड स्टेज एंजेल इन्वेस्टमेंट और दूसरी साझा सेवाओं को लेकर हस्ताक्षरित किया गया। इस मौके पर खास अतिथि और एमओयू पार्टनर के रूप में ‘करेकेबा बेंचर्स ‘ के को-फाउंडर दिव्यांशु वर्मा उपस्थित रहे। उनका मंच पर स्वागत सीआईएमएपी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ राणा सिंह और सीआईएमपी बिजनेस इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन फाउंडेशन के सीईओ श्री कुमोद कुमार ने किया।
इस अवसर पर सीआईएमपी के डायरेक्टर राणा सिंह ने दिव्यांशु वर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी वजह से राज्य की शान बढ़ी है। प्रोफेसर डॉक्टर राणा सिंह ने नए उद्यमियों का राज्य से पलायन रोकने और उद्यमिता की रफ्तार को राज्य में बढ़ाने को लेकर करेकेबा के योगदान की काफी प्रशंसा की।
वहीं श्री दिव्यांशु ने इस अवसर पर अपने उद्यमिता के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह भले ही शहर से बाहर रहने के लिए चले गए पर, बिहार की यादें हमेशा उनके अंदर बसी रहीं। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड आपदा के दौरान उन्होंने करेकेबा बेंचर्स की शुरुआत की ताकि भविष्य में बिहार से होने वाले पलायन को रोका जा सके। उन्होंने एक नए शब्द “बिहारीकॉर्न” का प्रयोग किया जिसका मतलब उन्होंने बिहार की भावी यूनिकॉर्न कंपनियां बताया। उन्होंने इस पूरी प्रयास में सीआईएमपी बीआईआईएफ के योगदान को महत्वपूर्ण बताया ताकि बिहार में ” कल्चर ऑफ इनोवेशन” (नवीनीकरण की संस्कृति) की शुरुआत हो।
इनक्यूबेशन सेंटर के सीईओ कुमुद कुमार ने ज्यादा जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह इनक्यूबेशन सेंटर आने वाले समय में एक्सीलरेटर बनने जा रहा है। तथा करेकेबा के साथ यह साझेदारी करके वह अपनी सेवाओं को राज्य की सीमाओं से बढ़ाकर देशभर के स्टार्टअप तक पहुंचाना चाहते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर राजीव वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।



