
पटना- 12 नवंबर। बिहार सरकार के श्रम संसाधन एवं सूचना-प्रोद्योगिकी मंत्री सह भाजपा नेता जिवेश कुमार ने सलमान खुर्शीद द्वारा लिखी गयी किताब पर कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि ये ओछी मानसिकता और दोहरे चरित्र का स्वरूप है। जिवेश मिश्र ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत को ऋषि मुनियों और साधू-संतों के देश के रूप में पूरे विश्व में जाना जाता है, जिनका उद्देश्य बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय है। सनातन परम्परा विश्व के कल्याण और बंधुत्व की बात करता है। सदियों क्या आदिकाल से राष्ट्र को आगे बढ़ाने में उनके अमिट योगदान को कोई कैसे भूल सकता है। मंत्री जिवेश ने कहा कि यह किसी खास धर्म के प्रति खुर्शीद की दुर्भावना और गलत विचार है, जो विवादों में रहकर अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। कांग्रेस में अब यही रह गया है, लोग अपने को धर्मनिरपेक्ष बताते हैं और टीका टिप्पणी सनातन धर्म को लेकर करते हैं। जिसका आधार ही झूठ और बरगलाने का हो उससे और क्या अपेक्षा की जा सकती है।
जिवेश कुमार ने कहा कि जो उन्होंने लिखा है उस चैप्टर का नाम है- ‘द सैफ्रन स्काई’। इसके पेज नंबर 113 पर खुर्शीद की ओर से कथित तौर पर लिखा गया, “साधु-संत जिस सनातन धर्म और शास्त्रीय हिंदुत्व को जानते हैं उसे किनारे करके हिंदुत्व के ऐसे वर्जन को आगे बढ़ाया जा रहा है जो राजनीतिक तौर पर हर पैमाने में आईएसआईएस और बोको हराम जैसे जिहादी इस्लामी संगठनों के राजनीतिक रूप जैसा है।” खुर्शीद ने दावा किया है कि हिंदुत्व का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जाता है और चुनावी रैलियों में इसका जिक्र होता है।
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के कथित वरिष्ठ नेता ऐसे शब्दों का उपयोग कर अपने प्रभारी अध्यक्ष के सामने रख कर खुद की राजनीतिक चमकाना चाहते हैं। यह देश सभी का है, जिसमें सभी धर्मों का सम्मान करना ही होगा। यह उन्हें अच्छी तरह समझ लेना होगा, अब ये सब नहीं चलेगा। देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन अपने वादे के अनुरूप सभी कार्य कर रही है। कांग्रेस पार्टी को इस पर कड़ी से कड़ी कारवाई करनी चाहिए।



