
सर्राफा बाजार: वैश्विक दबाव की वजह से सोने की तेजी पर लगा विराम,चांदी में भी गिरावट
नई दिल्ली- 15 दिसंबर। वैश्विक स्तर पर बने दबाव की वजह से घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को ब्रेक लगता हुआ नजर आया। सोने में लगातार चल रही तेजी पर लगाम लगने के साथ ही चांदी की कीमत भी गिरकर 67 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गई। भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमत में अलग-अलग श्रेणियों में 199 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 340 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई।
इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक घरेलू सर्राफा बाजार में आज कारोबारी यानी 24 कैरेट (999) सोने की औसत कीमत 340 रुपये की कमजोरी के साथ गिर कर 54,046 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) हो गई। इसी तरह 23 कैरेट (995) सोने की कीमत भी 339 रुपये की नरमी के साथ 53,830 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) हो गई।
जेवराती यानी 22 कैरेट (916) सोने की कीमत में आज 311 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई। इसके साथ ही 22 कैरेट सोना 49,506 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा 18 कैरेट (750) सोने की कीमत आज प्रति 10 ग्राम 255 रुपये सुस्त होकर 40,534 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) के स्तर पर पहुंच गई। 14 कैरेट (585) सोना आज 199 रुपये कमजोर होकर 31,616 रुपये प्रति 10 ग्राम (अस्थाई) के स्तर पर पहुंच गया।
सर्राफा बाजार में सोने की तरह चांदी की कीमत में भी नरमी का रुख बना रहा। लगातार पांच कारोबारी दिन तक तेजी का रुख दिखाने के बाद चांदी में आज गिरावट दर्ज की गई। आज के कारोबार में चांदी (999) की कीमत में 802 रुपये प्रति किलोग्राम की कमजोरी आ गई। इस कमजोरी के कारण इस चमकीली धातु की कीमत आज गिरकर 67 हजार रुपये के स्तर के भी नीचे 66,846 रुपये प्रति किलोग्राम (अस्थाई) के स्तर पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उथल पुथल के कारण सोने और चांदी कीमत पर लगातार दबाव बना हुआ है। हालांकि भारत में शादी ब्याह के सीजन की वजह से पिछले करीब सवा महीने से तेजी का रुख बना हुआ है। शादी के लिए होने वाली खरीदारी के सपोर्ट से सोना इस अवधि में 51 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से उछलकर 54 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया है। इसके बावजूद वैश्विक उथल-पुथल के कारण बड़े निवेशकों ने सर्राफा बाजार से दूरी बना रखी है।
जानकारों का कहना है कि बाजार की मौजूदा तेजी सिर्फ जेवराती सोने की वजह से नजर आ रही है। इसलिए छोटे निवेशकों को मौजूदा तेजी से प्रभावित होने की जगह बाजार की चाल पर सतर्क निगाह रखनी चाहिए और विशेषज्ञों की सलाह पर ही निवेश की योजना बनानी चाहिए।



