बिहार

सरकार संविधान और लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने में जुटी है: नियाज़ अहमद

मधुबनी-  23 अप्रैल। बेनीपट्टी के अंबेडकर चौक से लोहिया चौक तक इंसाफ मंच के बैनर तले प्रतिवाद मार्च निकाला गया। यह प्रतिवाद मार्च साम्प्रदायिक एवं संविधान विरोधी वक्फ संशोधन कानून वापस लेने की मांग, संविधान पर भाजपा सरकार के खुल्लम-खुला हमला बंद करने तथा मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आजादी पर हमला बंद करने की मांग पर आयोजित हुआ। इस मार्च का नेतृत्व इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नियाज़ अहमद एवं भाकपा माले बेनीपट्टी प्रखंड सचिव श्याम पंडित ने किया। यह मार्च बेनीपट्टी के अंबेडकर चौक से बेहटा बाजार होते हुए इंद्रा चौक लेकर लोहिया चौक के समीप सभा मे तबदिल हो गया। सभा को संबोधित करते हुए इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नियाज़ अहमद ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून साम्प्रदायिक व संविधान विरोधी कानून है। अहमद ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओ को कमजोर करने मे जुटी है। भाजपा के तीसरी बार सत्ता मे आते ही दलितों, महिलाओं और मुस्लिमो पर हमले तेज हो गये है। अब तो हर मस्जिद मे मंदिर खोजना आम बात हो गयी है, ऐसे दौर मे इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष का कहना है कि वक्फ संशोधन कानून काला कानून साबित होगा। संघ भाजपा सरकार अल्पसंख्यकों के धार्मिक आजादी को कुचलने पर आमादा है, हम सभी सेकुलर और लोकतंत्र पसंद लोगों को  इसका डटकर विरोध करना होगा। मोहमद शहीद ने पहलगाम घटना ने कश्मीर में हालात सामान्य होने और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में मोदी सरकार के खोखले दावों को उजागर कर उजागर कर दिया है। कश्मीर में आम नागरिकों, प्रवासी मजदूरों और अब पर्यटकों पर आतंकी हमले हो रहे हैं। भाकपा माले के युवा नेता मयंक कुमार यादव ने कहा कि आज मोदी सरकार चारु ओर दलितों, और अल्पसंख्यकों पर हमले कर रही है.बाबा साहब के संविधान पर हमला हमे मंजुर नहीं. मयंक ने कहा कि मोदी सरकार को हम अपने आंदोलन के बल पर वक्फ संशोधन कानून वापस लेने के लिए बाध्य करेंगे। सभा को संबोधित करते हुए माले नेता अजित कुमार ठाकुर ने कहा कि मुसलमानों की धार्मिक आजादी की रक्षा मे हम जान लगा देंगे यदि BJP और RSS अपने आदत से यदि बाज नहीं आए तो माले करेगी इसका खुले तौर पर विरोध किया। आंदोलन में सामिल प्रमुख लोगों मे इंसाफ मंच के मद नचंद्र झा, राजेंद्र पासवान,अमित पासवान,रोहित मिश्र,मो. जाकिर,हसन कासमी, प्रखंड अध्यक्ष ईमारतें शरीया बेनीपट्टी मौलाना मो. औजेर, बेहटा कारी मोबीन, रानी पुर हाफिज सोहैल,बेहटा मस्टर हाशिम साहवा चतरा और सैकड़ों न्याय पसंद लोग इस प्रतिवाद में शामिल थे।
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