
शराबबंदी के बाद शराब छोड़ने वालों का होगा सर्वे: CM नीतीश
पटना- 27 फरवरी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि बिहार में सर्वे कराया जाएगा कि शराबबंदी के बाद कितने लोगों ने शराब छोड़ी। उन्होंने कहा कि ड्रोन से शराब पीने और पिलाने वाले व अवैध बालू कारोबारियों की भी धरपकड़ होगी। शराबबंदी, बाल विवाह, नशामुक्ति और दहेज के खिलाफ अभियान चलता रहेगा। जीविका दीदियों से हाथ उठवा सीएम नीतीश ने समर्थन लिया कि अपने इलाके में शराबबंदी खिलाफ अभियान निरंतर चलाएंगी।
राजधानी स्थित बापू सभागार में आयोजित समाज सुधार अभियान में मुख्यमंत्री ने शराब के धंधेबाजों को फिर चेताया। कहा कि वे लोग बचेंगे नहीं। ड्रोन से सभी की तस्वीर ली जा रही। वर्तमान में 26 ड्रोन इस काम में लगे हैं। ड्रोन हेलीकॉप्टर भी आ गया है। गड़बड़ी करने वालों पर पूरी निगाह रहेगी। यही नहीं बालू माफिया पर भी ड्रोन के माध्यम से नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने को कुछ लोग काबिल समझते हैं और शराब के पक्ष में बोलते हैं, पर वे काबिल नहीं हैं। अगर शराब के पक्ष में कोई है तो वह गड़बड़ प्रवृत्ति का आदमी है। जो दारू पीता है उससे खराब कोई काम नहीं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को आजादी दिलाई। वह शराब के खिलाफ थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में हम लोगों ने यह सर्वे कराया था कि शराबबंदी लागू होने के बाद कितने लोगों ने शराब पीना छोड़ा। उस समय यह आंकड़ा सामने आया था कि 1.64 करोड़ लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया है। इस तरह का सर्वे फिर कराया जाना चाहिए। हमने इस बारे में अधिकारियों को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों जब जहरीली शराब से कुछ लोगों की मौत हो गई तो कुछ का कुछ बोलने लगे लोग।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के कारण 2016 में एक साल के भीतर 30 लाख लोगों की मौत हुई। शराब के कारण टीबी, एचआइवी तथा मधुमेह से होने वाली मृत्यु से भी अधिक लोग मरते है। शराब 200 प्रकार की बीमारियों को बढ़ाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय शराबबंदी लागू हुई उस समय यह बात भी उठी कि बिहार में आने वाले पर्यटकों की संख्या कम हो जाएगी, पर यहां बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ गई।



